उन्होंने आरोप लगाया कि लोग अजय को गंगा में फेंक कर नाव लेकर भाग गए। पुलिस ने नौ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था और बुधवार को शांति भंग के अंदेशा में चालान कर दिया। अजय अविवाहित था। इटावा में रह कर मछली पकड़ने व मछली बेचने का काम करता था। शव मिलने की सूचना पर मृतक के भाई सूरज के साथ मौके पर पहुंच कर शव की पहचान की है।
थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि शव मिलने की सूचना पर जाकर देखा गया। कपड़ा पहनकर अजय लापता हुआ था। शव पर कपड़ा नहीं था। शव काफी पुराना लग रहा है। हाथ आदि नहीं बंधे हैं। परिजन उसे अजय के रूप में पहचान कर रहे है तो उसका पोस्टमार्टम कराकर डीएनए जांच कराई जाएगी।