परिजनों से बात करके पूर्व में जिस मामले में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लग चुका है, उसकी पुन: विवेचना का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एएसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एक महिला निरीक्षक और तीन अन्य निरीक्षक शामिल हैं। जांच रिपोर्ट में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बीते 13 अगस्त को तीन युवकों के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में जांच करने पर किशोरी की ओर से लगाए गए आरोप गलत मिले थे। इसके बाद इस मामले की जांच कर फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी गई थी।