आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय आहवान पर एसबीआई को छोड़ कर जनपद के समस्त बैंको में गांव से शहर तक पूर्ण तालाबंदी रही।
हड़ताल से लगभग 70-80 करोड़ क्लियरिंग कार्य एवं करीब सौ करोड़ से अधिक कैश का लेेन देन कार्य प्रभावित हुआ।
सभी बैंकों के कर्मचारी एकत्र होकर नगर के इलाहाबाद बैंक की डंकीनगंज शाखा से रैली निकाले, जो विभिन्न बैंकों का भ्रमण करने के बाद पुन: इलाहाबाद बैक के मेन शाखा पहुंच कर सभा के रूप में तब्दील हो गया।
नगर के डंकीनगंज स्थित इलाहाबाद बैंक के मुख्य शाखा पर गिरिजा शंकर सिंह की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए जिला मंत्री सुरेश पांडेय ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा द्विपक्षीय समझौते के उल्लंघन तथा भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगी बैंक के मर्जर एवं अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति न होने के विरोध में मजबूर होकर बैंक कर्मियों को हड़ताल पर जाना पड़ा।
उन्होेंने कहा कि एक साजिश के तहत केंद्र सरकार बैंकों के निजीकरण प्रक्रिया को अपनाई हुई है, जिसका उदाहरण आउटसोर्सिंग एवं कार्य के बोझ को देखते हुए कर्मचारियों की नियुक्ति न होना है।
जिला मंत्री ने कहा कि अधिकारियों के बैंकिंग कार्य का समय निर्धारित न कर यह सरकार दहशत की राजनीति कर उत्पीड़न की प्रक्रिया अपनाई हुई है, जिसे बैंक कर्मी अब सहन नहीं करेंगे।
सभा की अध्यक्षता करते हुए गिरिजा शंकर सिंह ने सरकार को मजदूर विरोधी, किसान विरोधी व स्वरोजगार विरोधी करार देते हुए संघर्ष का आहवान किया।
कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली हो गई है। चेताया कि यदि केंद्र सरकार बैंक कर्मियों के जायज मांगों को नहीं मानती है तो मार्च माह के द्वितीय सप्ताह में एआईबीइए के आहवान पर देश के बैंक कर्मी पुन: संसद का घेराव करने को बाध्य होंगे।