मिर्जापुर। जिला पंचायत सभागार में गुरुवार को आयोजित बोर्ड की बैठक में जिले में होने वाली विकास के कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। बताया कि जिला पंचायत की ओर से शासन को एक करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से बनने वाले गोवंश आश्रय स्थल का प्रस्ताव भेजा गया है। यदि इसकी स्वीकृति मिल जाती है तो इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
बैठक में प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल, पूर्व एमएलसी विनीत सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमिला सिंह की उपस्थिति में बैठक शुरू होते ही अनुपालन आख्या प्रस्तुत किया गया। साथ ही पिछली बैठक की कार्रवाईयों की पुष्टि की गई। जिला पंचायत सदस्यों ने सदर व चुनार तहसील में आई बाढ़ के बाद साफ- सफाई, मच्छरों की दवा का छिड़काव, क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग, विद्युतीकरण व प्रदूषित पानी की जांच जैसी समस्याओं पर कार्रवाई के लिए कहा। बोर्ड की ओर से सभी सदस्यों से कहा गया कि वे राज्य वित्त आयोग के वर्ष 2019- 20 में प्राप्त धनराशि के सापेक्ष कार्ययोजना के लिए प्रस्ताव दें। जिला पंचायत की पुरानी जर्जर सड़कों को प्राथमिकता देते हुए अपना प्रस्ताव देने को कहा गया। कांजी हाउस के लिए कहा गया कि मांगपत्र भेज दिया गया है। धन का आवंटन होने के बाद जिला पंचायत की आरक्षित भूमि पर कांजी हाउस का निर्माण कराया जाएगा। सदस्यों से कहा गया कि यदि वे चाहें तो वे भी इसके लिए जमीन उपलब्ध करा सकते हैं। इसके बाद अध्यक्ष के निर्देश पर अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
इससे पहले जिला पंचायत की बैठक के दौरान मझवां के सेक्टर तीन से जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह से विवाद होने पर प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल बैठक से बाहर निकल गए। बाद में उनको पूर्व एमएलसी विनीत सिंह व अन्य समझा- बुझाकर बैठक में ले आए। क्षेत्र में विकास की बात को लेकर जिला पंचायत सदस्य व रमाशंकर सिंह पटेल में विवाद हो गया। इससे क्षुब्ध होकर मंत्री बाहर निकल गए। अनुराग सिंह का कहना था कि वह जनता की बात उठा रहे थे। जनता उन लोगों के पास आती है और सवाल करती है।