मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार की शाम परिवार के सदस्यों के साथ मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मां का दर्शन-पूजन करने का सौभाग्य मिला है। पहली बार मां के दरबार में आया हूं। मां ने बुलाया है। कई बार यहां दर्शन-पूजन के बाबत आने के लिए सोचा, लेकिन मां का आशीर्वाद इस बार मिला। उन्होंने कहा कि हमारे देश और प्रदेश की जनता सब पर मां की कृपा बनी रहे, यही कामना की।
शिवराज सिंह चौहान शनिवार की शाम पुरानी वीआईपी मार्ग के गणेश द्वार से विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे। वहां मां का विधि विधान दर्शन-पूजन किया। इसके बाद मंदिर की छत पर पहुंचकर मां गंगा को प्रणाम किया। उसके बाद मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के विग्रह का स्पर्श करते हुए बाहर निकले। दर्शन-पूजन के बाद एक होटल में पांच मिनट रुके। इसके बाद डाक बंगला की ओर प्रस्थान कर गए।
शिवराज ने मंदिर में 20 मिनट से अधिक समय बिताया। दर्शन-पूजन के बाद जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार व पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से उन्हें मां विंध्यवासिनी का चित्र भेंट कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया। वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं नगर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्रा ने शिवराज को दर्शन-पूजन कराया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी के साथ अष्टभुजा पहाड़ पर बने हेलीपैड पर शनिवार को अपराह्न 3.50 बजे हेलीकॉप्टर से पहुंचे। तत्पश्चात डाक बंगला पहुंचे। यहां कुछ देर रुकने के बाद मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के लिए निकले। वहां 20 मिनट तक रहे।