वासलीगंज के दुकान से करवा चौथ की खरीदारी करती महिलाएं।
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मिर्जापुर। करवा चौथ के मद्देनजर बृहस्पतिवार को बाजार में चहल-पहल रही। करवा और चलनी के बाजार सज गए हैं। जबकि आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन कपड़ों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। नगर के वासलीगंज, घंटाघर, बसनई बाजार, त्रिमोहानी, मुकेरी बाजार व अन्य बाजारों में सड़को पर भीड़ उमड़ने से शाम के वक्त जाम सी स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। पर्व को देखते हुए सड़क की पटरियों पर अस्थायी दुकानें करवा, छन्नी, महावर व शृंगार के सामानों से पटी हुई हैं। बाजार में मिट्टी व पीतल के करवा, चलनी, पूजा थाली, मेंहदी, महावर मौजूद हैं। करवा चौथ पर्व को देखते हुए कपड़े व आभूषणों के प्रतिष्ठानों में महिलाओं के मनपसंद परिधान व ज्वेलरी से सजे हुए हैं। करवा चौथ व्रत का प्रचलन महाभारत काल से भी पहले से चला आ रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित डा. रामलाल त्रिपाठी ने बताया कि यह व्रत सौभाग्यवती महिलाओं के लिए उत्तम माना गया है। सुुहागिन महिलाएं इस व्रत को अपने सुहाग की दिर्घायु के लिए रखती हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष को चंद्रोदय चतुर्थी में किया जाता है। उन्होने बताया कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ कहते हैं। सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत बहुत ही श्रेष्ठ व्रत है। स्त्रियां इस व्रत को पति के दिर्घायु होने के लिए करती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं चावल पीस कर दिवार पर करवा चौथ बनाती हैं। बताया कि 24 अक्तूबर, रविवार को करवा चौथ व्रत किया जाएगा। इस दिन रात्रि 7 बजकर 52 मिनट पर चंद्रोदय होगा। करवा पूजन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा। करवा का पूजन कर महिलाएं चंद्र दर्शन करेंगी।