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बाढ़ के पानी से घिरे कई गांव

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बाढ़ का कहर रविवार को भी जारी रहा। बाढ़ के चलते तटवर्ती इलाकों के कई गांव पानी से घिरते जा रहे हैं। सड़कों पर पानी भर जाने से नाव ही लोगों के लिए सहारा बना हुआ है।
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रविवार को शाम छह बजे प्रति घंटे 1.5 सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रही। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर 77.91 मीटर पर पहुंच गया। खतरे का निशान 77.724 मीटर है, जबकि पिछले वर्ष 12 अगस्त को गंगा का जलस्तर 78.40 मीटर पर पहुंच गया था।
जिला मुख्यालय से भटौली पुल जाने के लिए दो रास्ते हैं। जौसरा मार्ग पर बाढ़ का पानी आ जाने से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। यही स्थिति रही तो भटौली पुल से आवागमन पूर्ण रूप से बंद हो जाएगा। कछवां व वाराणसी के लिए जनपद वासियों के लिए यह सुगम रास्ता है। उधर जिगना क्षेत्र में बाढ़ के चलते नदी के तटवर्ती इलाकों में धान, बाजरा, उरद, मूंग सहित अन्य सब्जियों की फसलें डूब गई हैं। गांवों की ओर बढ़ रहे पानी को देखते हुए लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया है। अकोढ़ी, बबुरा, जोपा, श्रीनिवासधाम स्थित बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी रविवार को बाढ़ क्षेत्रों का भ्रमण पर लोगों को सतर्क करने में लगे रहे। बाढ़ का पानी चेहरा, बजटा, काशीसरपत्ती, देवरी, मुतलिके गौरा, गोगांव, खैरा, मिश्रपुर, अकोढ़ी, बबुरा, बिरोही, देवरी, अरंगीसरपत्ती, भटेवरा, कठवइया, बलापुर, कोठरा मिश्रान, डंगहर व गौरा सहित कई गांवों में पानी पहुंच गया है। कई गांवों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है।
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कर्णावती नदी में पानी बढ़ने से भटेवरा विजयपुर मार्ग, अरगीसरपत्ती, महुआरी खुर्द, बरुआ मार्ग बंद हो गया है। बबुरा नदिनी सहित कई गांवों के पशुपालक मवेशियों के लिए ऊंचे स्थान की तलाश में जुट गए हैं। कटान से हरगढ़, भौरुपुर, साटन पट्टी, गोगांव, बसेवरा, मिश्रपुर, दुगौली, डंगहर, कोठरा, भिलगौर, चडैचा, झिलवर, नीबीगहरवार, नौगांव, अर्जुनपुर, आदमपुर, निफरा, बभनी, नदिनी, ऊंचडीह व बबुरा में खतरा बढ़ गया है।
विकास खंड कोन में हरसिंहपुर, मल्लेपुर, लखनपुर, मझिगवां, जगदीशपुर, मलाधरपुर, पुराने वाड़ा, दलापट्टी, डिंगुरपट्टी ,गड़गेड़ी, भटेवरा, कोल्हुआ, कमासिन, गहिया, चेकसारी, देवपरवा, बल्ली परवा, मुजेहरा कला सहित एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। मल्लेपुर गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया है। गांव को जोड़ने वाला तिलठी व श्री पट्टी मार्ग भी पानी में डूब गया है। इससे आवागमन में लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में बोई गई फसलें पानी में डूब गई हैं। पड़री क्षेत्र में बाढ़ के चलते गंगा के तटवर्ती एक दर्जन गांव पानी से घिरते जा रहे है।ं बेलवन, कहुआ व गुरखुली नदी में पानी बढ़ने से किनारे भी बसे लोग घर छोड़ने को विवश हैं। बेलवन ग्राम पंचायत के गढ़थौली, भईया राम का पूरा, सरैया, नान्हूपुर, बेदौली, कनौरा, धर्मदेवा, छितमपट्टी, सिंधोरा, कठिनई आदि समेत एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
उधर, गंगा के जलस्तर में वृद्धि के चलते चुनार क्षेत्र में यातायात जाम की स्थिति बनी रही। गोला बाजार, रस्तोगी तिराहा, चौक बाजार, कोतवाली चौराहा पर जाम लगा रहा। बाढ़ को देखते हुए किला मोड़, बालूघाट, पक्का पुल व सरैया पुल तक जाने वाले व संपर्क मार्गों पर पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई है। भरपुर से बाजार, लालदरवाजा से कचहरी व संतोषी माता मंदिर घाट से कचहरी जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी आ जाने से आवागमन प्रभावित हो गया है। बाढ़ को देखते हुए खंड विकास अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव प्रभावित गांवों में नजर बनाए रहे। सीखड़, धनैता, रामगढ़, बिदापुर, प्रिमापुर, सोनबरसा, खानपुर, मिसिर पुरा, विट्ठल पुर, लालपुर, गोरैया, भुवालपुर, सीखड़, मेड़िया, धनुपुर आदि गांवों में किसानों की फसलें बाढ़ के चलते बर्बाद हो गई हैं।
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