मिर्जापुुर। उप्र पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने अष्टभुजा डाक बंगले में बुधवार को जिले की विद्युत वितरण व्यवस्था व राजस्व वसूली की समीक्षा की। अभियंताओं के साथ हुई बैठक में उन्होंने जिले की कम वसूली पर चिंता जताई। साथ ही बिजली चोरी रोको अभियान को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने अभियंताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि झटपट पोर्टल की व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही है। यदि इसमें विलंब होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभियंताओं को आगाह किया कि जितनी बिजली दें, उतना राजस्व वसूल किया जाना चाहिए। बिजली चोरी रोककर ही प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विद्युत निगमों का घाटा लगातार बढ़ रहा है। यह घाटा एक लाख करोड़ से ज्यादा है। केंद्र सरकार ने नियम कड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूर प्रदेश मेंं 10 लाख उपभोक्ता नेवर पेड हैं। इस संख्या को कम करना है। कहा कि जिले में 10 लाख उपभोक्ता हैं। माइक्रो लेबल पर मानीटरिंग करने से ही राजस्व बढ़ेगा। साथ ही यह भी कहा कि बिल भी सही होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बिजली बिल समय पर वितरित कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने आगाह किया कि बिल गलत है तो उपभोक्ता जमा नहीं करेंगे। रीडिंग का सही बिल सबको मिले, यह जरूरी है। यह जिम्मेदारी अवर अभियंता, उपकेंद्र अधिकारी और अधिशासी अभियंता की है कि फर्जी बिलिंग न हो। उन्होंने कहा कि अधिकारी बिल रिवीजन जहां ज्यादा हो, उसको भी चेक करें।
उन्होंने अभियंताओं से कहा कि ट्रांसफार्मर का रखरखाव ठीक से करें। तेल की कमी न होनी चाहिए। साथ ही ओवर लोडिंग भी न हो। नया कनेक्शन देने के पूर्व ओवर लोड न बढ़े, यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पिछले महीने प्रदेश में 1400 ट्रांसफार्मर प्रतिदिन जल रहे थे और यह आंकड़ा अब आधे पर आ गया है। इसके लिए उन्होंने जिम्मेदारी तय करने की बात कही। कहा कि यदि किसी की लापरवाही से ट्रांसफार्मर जलेगा तो उसी से वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर न जलें, इसके लिए सावधानी बरतें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बड़े बकाएदारों की बिजली काटें, ताकि बकाया जमा हो सके। उन्होंने बकायेदारों के कनेक्शन काटने पर बिना बकाया राशि जमा किए ही पुनः कनेक्शन जोड़ने पर नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी एमओयू के अनुरूप ही कार्य करें। उसी आधार पर अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन होगा। पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन मिर्जापुर पहुंचे थे। उनके साथ पूर्वांचल डिस्काम के प्रबंध निदेशक व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।