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मकर संक्रांति : विंध्याचल में 12 में से सिर्फ तीन घाटों पर ही स्नान कर सकेंगे श्रद्धालु

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विंध्याचल में बाबू घाट का हाल, स्रोत संवाद
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मिर्जापुर।विंध्याचल। इस मकर संक्रांति पर्व पर विंध्याचल में स्नान ध्यान के लिए 12 में से तीन घाटों पर ही श्रद्धालुओं को सुविधा मिल पाएगी। पांच घाटों पर कार्य चलने व चार घाटों पर आने जाने का रास्ता न होने की वजह से भक्तों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसी प्रकार शहर के अन्य घाटों पर कहीं सील्ट तो कहीं सफाई व चेंजिंग रूम न होने की वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। गंगा स्नान करने वालों की बड़ी संख्या गंगा स्नान कर मां विंध्यवासिनी का दर्शन करती है। प्रयागराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम स्नान कर विंध्याचल आते हैं। मां विंध्यवासिनी का दर्शन करते हैं लेकिन इस बार विंध्य क्षेत्र के प्रत्येक घाटों पर स्नान करना संभव नहीं हो सकेगा। सील्ट व गंदगी की बात तो दूर कई घाटों पर नीचे जाने का रास्ता तक ही नहीं बचा है। कैसे स्नान होगा, यह यक्ष प्रश्न है। स्नान के दो दिन पूर्व सोमवार को जब संवाद की टीम ने घाटों का भ्रमण किया तो पाया कि स्नान के लिए कुल 12 घाटों में से सिर्फ तीन घाटों पर ही इस समय नगर पालिका प्रशासन की ओर से स्नान की व्यवस्था की गई है।
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इन घाटों पर रास्ता नहीं-मलहिया घाट, इमली घाट, परशुराम घाट, भैरव घाट, बाबू घाट, चिकान टोला घाट आदि घाटों से नीचे उतरने के लिए रास्ते भी नहीं है। गंगा स्नान तो दूर की बात है। इनमें से भैरव घाट व बाबू घाट पर निर्माण कार्य चल रहा है। बड़ी-बड़ी मशीनें लगी हैं, रास्ता पूरी तरह से बंद है। पक्का घाट पर वस्त्र बदलने के लिए बने कक्ष में पूरी तरह से सील्ट जमा है।
इन घाटों पर स्नान करने की सुविधा-दीवान घाट, पक्का घाट, अखाड़ा घाट पर स्नान करने की सुविधा उपलब्ध है। इन गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, वस्त्र बदलने के लिए टेंट लगाए गए हैं।
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मकर संक्रांति पर्व तीन घाटों पर स्नान के लिए व्यवस्था की गई है। इनमें दीवान घाट, पक्का घाट, अखाड़ा घाट परबैरिकेडिंग, वस्त्र बदलने के लिए टेंट लगाए गए हैं। अन्य घाटों पर निर्माण कार्य चल रहा है। जी लाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
नगर के घाटों पर पसरी है गंदगी -मिर्जापुर। पक्का घाट, सुंदर घाट, बरियाघाट, कचहरी घाट आदि जगहों पर मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करने वालों की भीड़ होती है। लेकिन इन्हीं घाटों पर गंदगी पसरी है। घाटों पर किनारे की ओर माला फूल के साथ ही अन्य कूड़ा-करकट का ढेर है। सील्ट भी जमी है। अब समय भी काफी कम है। इसको लेकर नागरिकों में भी चिंता व्याप्त है। नगर पालिका परिषद के ईओ जी लाल ने बताया कि घाटों पर काम शुरू है, बैरिकेडिंग के साथ सफाई कराई जा रही है। स्नान पर्व तक घाट पूरी तरह से ठीक हो जाएंगे। निगरानी के लिए सफाई निरीक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है।


मंदिरों के रास्ते भी बदहाल -मिर्जापुर। मकर संक्रांति पर विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन पूजन करेंगे। ऐसे में मंदिरों की तरफ जाने वाले रास्ते बदलहाल है। ऐसे में उबड़-खाबड़ व जर्जर रास्तों पर मंदिरों तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं। नगर में श्री पंचमुखी महादेव व बरियाघाट की तरफ जाने वाले मार्ग भले ही ठीक ठाक हैं लेकिन तारकेश्वर महादेव मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग की दशा खराब है। फरवरी माह में महाशिवरात्रि भी पड़ रहा है। नगर में तारकेश्वर महादेव मंदिर की तरफ जाने वाले मार्ग पर वासलीगंज से बघेल की गली मार्ग बदहाल है। इसी तरह रामबाग से भी मंदिर के रास्ते जर्जर हैं। नगर के मध्य स्थित बूढ़ेनाथ मंदिर की तरफ जाने वाले मार्ग की स्थिति ठीक नहीं। सीवर निर्माण व पाइप लाइन कनेक्श्न के दौरान सड़क तो खोद दी गई लेकिन उसकी मरम्मत तक नहीं कराई गई है। विंध्याचल, शिवपुर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में मकर संक्रांति पर श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाजार से मंदिर तक जाने के लिए मात्र 200 मीटर मार्ग बदलहाल हैं। जिसे लेकर श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है। बूढ़ेनाथ मंदिर महंत डॉ योगानंद गिरी ने बताया मकर संक्रांति के बाद फरवरी माह में महाशिव रात्रि पड़ रहा है। पालकी यात्रा निकाली जाएगी। लेकिन सभी रास्ते जर्जर हैं।
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