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मकर संक्रांति पर हजारों ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

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नगर में अपने अपने छतो से पंतग उडाते लोग । - फोटो : MIRZAPUR
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मिर्जापुर। मकर संक्राति पर बुधवार को शहर से लेकर गांव तक गंगा व नदियों के किनारे श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा रहा। कोहरा, धुंध व कड़ाके के ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान, ध्यान व दान कर लोगों घाटों पर स्थित मंदिरों में विराजमान देवी और देवताओं के दर्शन-पूजन किया। इस दौरान गरीबों के अन्न, वस्त्र आदि दान कर पूण्य का लाभ कमाया।मकर संक्रांति पर नगर समेत ग्राम्यांचलों में दिनभर पतंगबाजी का दौर चलता रहा। सुबह ही लोग पतंग व परेती के साथ खुले छतों और मैदान में पहुंच गए। घना कोहरा छाए रहने पर लोग मायूस रहे।
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दिन चढ़ने के बाद जैसे ही आसमान से कोहरा छंटा कि नगर समेत ग्राम्यांचल के कई हिस्सों में उड़ते पतंग नजर आने लगे। हर कोई एक दूसरे की पतंग को काटने में जुटा रहा। दिनभर पतंगबाजी का दौर चलता रहा। आसमान में मोदी राज में योगी की पतंग जहां छाई रही वहीं नववर्ष के रंग बिरंगे पतंग उड़ रहे थे। पतंगबाजी में बच्चे भी रंग बिरंगे कार्टून युक्त पतंग लहराने में जूटे रहे।
नगर के बरियाघाट, पक्का घाट, बाबा घाट, सुंदर घाट, नार घाट, कचहरी घाट समेत अन्य घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया गया था। सुबह होते-होते अधिकांश घाटों पर पैर रखने तक की जगह न बची। बरिया घाट, पक्का घाट पर तो मेले जैसा नजारा व्याप्त रहा। स्नानार्थियों में महिलाएं, बच्चे व बूढ़े तक शामिल रहे। जिगना, पश्चिम वाहिनी गंगा घाट हरगढ़, विमलेश्वर मंदिर, गोगांव, शिवालाघाट सहित चेहरा, बजटा, काशीसरपत्ती, खैरा, मिश्रपुर, नगवासी, दुगौली, डंगहर, गौरा, भिलगौर, चड़ैचा, नदिनी, नीबी गहरवार, निफरा, जोपा, ऊंचडीह व बबुरा सहित अन्य गंगा घाटों पर सुबह से लेकर दोपहर स्नान का सिलसिला चलता रहा। स्नान बाद श्रद्धालुओं ने गरीबों को दान पूण्य कर स्थानीय मंदिरों में पूजा अर्चन किया। चुनार, नगर के बालूघाट, संतोषी माता मंदिर घाट, बावन जी घाट, शिवाला, रामघाट, पम्पू घाट, दरगाह घाट सहित अन्य गंगा घाटों पर स्नान पर्व मकर संक्रांति के दिन भारी संख्या में स्थानीय एवं दक्षिणाचंल के विभिन्न अंचलों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर दान किया। भोर से ही स्नान, दान करने का क्रम शुरू हुआ जो दोपहर बाद तक चलता रहा। पर्व पर नगर पालिका की ओर से मुख्य मार्ग व गंगाघाट तक जाने वाले मार्गो पर साफ सफाई के साथ चूने का छिड़काव कराया गया। पड़री, चेतगंज, चील्ह, कछवां, मझवां, नरायनपुर व सीखड़ संवाददाता के अनुसार मकर संक्रांति पर स्थानीय क्षेत्र से गुजरे गंगा घाटो पर स्नान, ध्यान का कार्य दोपहर बाद तक चलता रहा।
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विंध्याचल। मकर संक्रांति पर बुधवार को हजारों की संख्या में भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन और पूजन किया। भोर से विभिन्न गंगाघाटों पर श्रद्धालु पहुंचे। स्नान व ध्यान बाद माता की एक झलक पाने के लिए मंदिर की ओर पहुंच रहे थे। कड़ाके के ठंड के बीच भोर से ही विभिन्न गंगा घाटो पर स्नान का दौर चलता रहा।
भोर में मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर का कपाट खुला कि माता के जयकारे से समूचा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। हाथो में नारियल, चुनरी, माला-फूल व प्रसाद लिए भक्तों में किसी ने गर्भगृह और किसी ने झांकी से मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कर अपने परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन पश्चात मंदिर परिसर में विराजमान अन्य देवी और देवताओं के दर्शन पूजन व हवन कुंड में पहुंचकर परिक्रमा की। कड़ाके के ठंड के बावजूद आस्थावानों का कई दल कालीखोह और अष्टभुजा मंदिर में पहुंचकर माता काली और अष्टभुजा देवी के दर्शन और पूजन किया।
जिगना। मकर संक्रांति के अवसर नीबी गहरवार के बंगलाघाट पर बुधवार कएो दुस े दिन भी परंपरागत ढंग से महिलाओं का विशाल मेले का आयोजन किया गया। मेंले में पहुंची महिलाओं ने घरेलू उपयोग की वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। मेले में खिलौने व सौंदर्य प्रसाधन सामग्री के फल, मिष्ठान, चाट और पकौड़े के दुकाने सजी रहीं। सुरक्षा व्यवस्था में विंध्याचल व जिगना पुलिस लगी रही।
मकर संक्रांति पर्व पर नगर के रैदानी कालोनी स्थित पंचमुखी महादेव व बरियाघाट स्थित मंदिर में श्रद्धालु उमड़े रहे। स्नान बाद भारी संख्या में पहुंचे शिवभक्तों ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक भी किया। इस मौके पर मंदिरों के बाहर व गंगा घाटों के आसपास बैठे गरीबों को अन्न, वस्त्र व दान कर पुण्य का लाभ कमाया। मंदिरों व गंगा घाटों की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क की पटरियां भिक्षाटन के लिए बैठे लोगों से पटी रहीं।
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