मिर्जापुर। सोनभद्र के स्वास्थ्य विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन कार्यक्रम के खाते से दो वर्ष पहले फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर से 77 लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए जाने के मामले में मुख्य आरोपी के न्यायालय में हाजिर होने के बाद जेल भेज दिया गया। इस मामले में परिक्षेत्रीय साइबर थाने की पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 लाख रुपये फ्रीज करा चुकी है।
सोनभद्र के स्वास्थ्य विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन कार्यक्रम के खाते से लाखों के साइबर फ्राड मामले में नौ फरवरी 2021 को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. विनोद कुमार अग्रवाल ने परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया गया था कि डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए 77 लाख 60 हजार रुपये का साइबर फ्राड किया गया है। इसके बाद साइबर थाना प्रभारी श्याम बहादुर यादव, उप निरीक्षक डाॅ. चंद्रशेखर यादव की टीम ने दो वर्ष के दौरान नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी बिहार के निवासी थे। पुलिस ने उनके खाते में मिले 15 लाख रुपये फ्रीज करा दिए।
मुख्य आरोपी बिहार के भागलपुर निवासी काजिम हासमी फरार था। पुलिस टीम उसकी तलाश कर रही थी। एक माह पहले काजिम ने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल री। हाईकोर्ट ने आरोपी को निचली अदालत में समर्पण करने के लिए कहा। इसके बाद कुछ दिन पहले आरोपी काजिम हासमी ने मिर्जापुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में समर्पण कर दिया।
परिक्षेत्रीय साइबर थाना प्रभारी श्याम बहादुर यादव ने बताया कि साइबर फ्राड मामले में फरार मुख्य आरोपी ने कुछ दिन पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में समर्पण किया है। मुख्य आरोपी को मिलाकर अब तक 10 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। साथ ही 15 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।