माघ कृष्ण पक्ष एकादशी पर मां विंध्यावासिनी के दर्शन पूजन को विंध्य दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा। गुरुवार को भोर में मंगला आरती के बाद से ही भक्त मां के दर्शन पूजन को पहुंचने लगे।
यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। विंध्यधाम घंटा- घड़ियाल, शंख और माता के जयकारे से गुंजायमान रहा। मां के भव्य रूप का दर्शन पाकर भक्त निहाल हो उठे। वहीं कुछ भक्त वैदिक मंत्रोच्चार के बीच साधना में लगे रहे।
विंध्याचल में दर्शन पूजन के बाद भक्त मां काली और मां अष्टभुजा के दर्शन करने भी पहुंचे।