जिला विज्ञान क्लब के तत्वावधान में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिवस पर बाल वैज्ञानिकों के बीच एक वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर धूम्रपान से हानियां, कोविड-19 की समस्या में धूम्रपान द्वारा होने वाले नुकसान पर मंथन हुआ। इसमें 57 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया और नशा न करने की शपथ ली।
जिला समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने विश्व धूम्रपान निषेध दिवस एवं धूम्रपान से एकत्रित होने वाले प्रभाव को प्रयोग के माध्यम से समझाया। डॉ अरुण कुमार ने कहा कि निकोटियाना प्रजाति के पेड़ के पत्तों को सुखाकर बनाए जाने वाला तंबाकू खास तौर पर नशे के लिए प्रयोग किया जाता है। तंबाकू जब जलता है तो वह एक टार नामक विशिष्ट पदार्थ पैदा करता है। यही नुकसान पहुंचाता है। तंबाकू में चार हजार से ज्यादा रसायन होते हैं। इनमें से 60 कैंसर का कारक होते हैं। हर साल 20 लाख लोगों की मौत इस तंबाकू की वजह से होती है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पंकज कुमार ने बताया कि एक सिगरेट पीने से जिंदगी के 11 मिनट कम होते हैं। शोधार्थी छात्र राजेंद्र कुमार ने बताया कि नशा करने वालों पर वैक्सीन का असर भी कम हो सकता है। समापन सत्र में जिला समन्वयक के साथ विशेषज्ञों ने तथा सभी बच्चों ने तंबाकू एवं धूम्रपान न करने की शपथ ली। विनायक, आशीष, रवि ने सहयोग किया।