इसके बाद पुलिस ने फकीर विश्वकर्मा व बलवंत विश्वकर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इसमें बलवंत विश्वकर्मा की विवेचना के दौरान मौत हो गई। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अनिल कुमार यादव-प्रथम ने आरोपी फकीर विश्वकर्मा को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाया। अभियोजन की ओर से अजय कुमार यादव और विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार सिंह ने पैरवी की।