शिक्षकों के पदोन्नति से संबंधित पत्रावलियां शुक्रवार को पूर्व बीएसए मनभरनराम राजभर के आवास से मिलीं। डीएम बिमल कुमार दूबे के आदेश पर वरिष्ठ लिपिक फुंदन लाल द्वारा पत्रावलियों को आवास से बीएसए कार्यालय पर लाया गया। डीएम ने स्थानांतरण और पदोन्नति गायब पत्रावलियों की जांच का आदेश दिया है। जिलाधिकारी की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
पूर्व की सपा सरकार में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय सुर्खियों में रहा है। विभाग में ट्रांसफर और पोस्टिंग का खेल खेला गया। ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर शिक्षकों से जमकर वसूली भी की गई। जिले के कई शिक्षकों का पैसा देने के बावजूद आज तक स्थानांतरण नहीं किया गया है। पूर्व बीएसए अमरनाथ सिंह, मनभरन राम राजभर के कार्यकाल में शिक्षकों का मनमाफिक स्थानांतरण और पदोन्नति किया गया। शासन द्वारा दोनों पूर्व बीएसए को निलंबित करने के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ था। स्थानांतरण की लगभग पत्रावलियां गायब मिलीं। मामले की जानकारी होने पर डीएम ने वर्तमान बीएसए प्रदीप मिश्रा से कड़ी नाराजगी जताया और पूर्व बीएसए के आवास की जांच का निर्देश दिया। पूर्व बीएसए के आवास पर कई पत्रावलियां मिलीं। डीएम के निर्देश पर वरिष्ठ लिपिक फुंदन लाल पत्रावलियों को वापस लाए। जिला समन्वयक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि आवास से मिली पत्रावलियों की गहनता से जांच की जा रही है, कि पत्रावली में सभी कागजात उपलब्ध है अथवा गायब है। यह जांच के बाद ही साप होगा।