प्रवीण अविवाहित था। मृतक आश्रित कोटे से आठ वर्ष पूर्व लेखपाल पद पर चुनार तहसील में तैनाती मिली थी। वर्तमान में वह मड़िहान तहसील में तैनात था। घटना की जानकारी मिलते ही बड़े भाई चेन्नई से घर के लिए रवाना हो गए। इधर, मां समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कोतवाल त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि प्रवीण की मां की तहरीर पर बुआ मीना, बुआ के पुत्र अभिषेक, घाटमपुर स्थित एक बैंक के मैनेजर योगेश मिश्रा व शीतला प्रसाद यादव समेत चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
लेखपाल प्रवीण कुमार सेठ ने अपने बड़े भाई व अन्य लोगों को व्हाट्सएप पर भेजे गए सुसाइड नोट में अपने को चोर नहीं होने के साथ ही बुआ का पैसा नहीं लेने की बात लिखी है। प्रवीण ने लिखा है कि 21 लाख रुपये का चेक उसने खुद दिया था। पूरा पैसा मैं निकालकर दे चुका हूं, लेकिन मीना बुआ व उनका पुत्र अभिषेक, घाटमपुर स्थित बैंक के मैनेजर योगेश मिश्रा और वकील शीतला यादव उसे फंसा रहे हैं।
नए-नए नंबर से फोन कर उसे धमका रहे हैं कि मैंने पैसा नहीं दिया तो पुलिस केस में फंसा देंगे। मैंने कोई चोरी नहीं की है, लेकिन ये सभी लोग मुझे इतना बदनाम कर चुके हैं, इतना टार्चर किए हैं कि मैं अब मजबूरी में सब छोड़कर बहुत दूर जा रहा हूं। मम्मी का ख्याल रखना। हो सके तो मुझे माफ कर देना, लेकिन मैंने कोई चोरी नहीं की है।