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भूमाफियाओं के चेहरे खिले

Thu, 26 May 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
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भरुहना स्थित लक्ष्मणपुरी कालोनी।
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शासन द्वारा कब्जे की जमीन को फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव लाने की जानकारी होते ही भूमाफियाओं के चेहरे खिल उठे हैं। भूमाफिया ने बगैर रोकटोक के सरकारी गैर सरकारी जमीनों पर कब्जा करना शुरू कर दिया ताकि फरमान आते ही उन्हें काफी कम दम में जमीन का मालिकाना हक मिल सके। जबकि उधर गरीब तबका इससे परेशान हैं। उसे डर है कि कहीं उनकी जमीनों पर भूमाफिया काबिज न हो जाएं।
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शासन द्वारा पट्टे पर दी गई जमीन तथा अवैध कालोनियों को कब्जे की जमीन को फ्री होल्ड कर कब्जेदार को मालिकाना हक दिए जाने का प्रस्ताव लाने की जानकारी होते ही भूमि माफियाओं के खुशी का ठिकाना नहीं है। भूमाफियाओं ने जमीन हड़पो की नीति के तहत सरकारी गैर सरकारी जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया है। उनको लग रहा है कि शासन द्वारा फरमान जारी होते ही राजस्व विभाग उनसे सरकारी रेट पर जमीन का मुआवजा लेगा। इससे उन्हें जरा सा रिस्क लेेने में करोड़ों का फायदा होगा।

इतना ही नहीं वह जमीन पर कब्जा जमाते हुए प्लाटिंग कर लोगों को लाखों रुपये में बेचने का काम कर रहे हैं। इससे गरीबों की जमीनें अब खतरे पड़ गई हैं।  शासन के इस निर्णय से गरीबों एवं आम लोगों को परेशानी होने लगी है। लोग उनकी जमीन तथा जंगलों को काट कर जमीन हथियाने लगे हैं। शासन द्वारा अगर यह फरमान जारी किया गया तो गरीबों को कम भूमाफियाओं को अधिक फायदा होगा।
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जिले में आवास विकास परिषद की कालोनी ही वैध है। इसके अलावा जनपद में मौजूद 40 से अधिक कालोनियां अवैध हैं। जिनको भूमाफियाओं ने काफी कम दाम पर खरीद कर प्लाटिंग किया है। विकास प्राधिकरण विंध्याचल परिक्षेत्र की माने तो जिले में 40 से अधिक कालोनियों अवैध हैं। इनका चिह्नीकरण कर कार्रवाई की जाएगी। भरूहना स्थित लक्ष्मण पुरम कालोनी के उपेंद्र प्रकाश द्विवेदी का कहना कि शासन ने अगर ऐसा कोई फरमान जारी किया है तो वह जनता के हित में है। इससे जनता का फायदा ही होगा। ऐसे निर्णय लेने चाहिए।

शिवसंपत शुक्ला का कहना है कि शासन ने जो निर्णय लिया है वह सोच समझ कर ही लिया होगा। इससे लोगों का लाभ ही है। हरिशंकर पाठक का कहना है शासन ने जनता के हित में फैसला लिया है। जहां तक चुनावी लालीपाप देने की बात है तो हर दल कुछ न कुछ करता रहा है कि इसमें परेशान होने की बात नहीं है।
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