बीते वर्ष चूना दरी जल प्रपात में नहाने के दौरान डूबने से बीएचयू के छात्रों सहित कुल नौ लोगों की अलग-अलग हादसों में मौत हो गई थी। इसके चलते पर्यटन स्थल पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाई गई रोक हटा लिए जाने से सैलानियों में खुशी है। इससे पर्यटन स्थल के आसपास छोटा-मोटा रोजगार कर रोज कमाने खाने वाले तथा इसी पर आश्रित लोगों के दिन भी बहुरेंगे।
उप जिलाधिकारी चुनार नवनीत सेहरा का कहना है कि पर्यटन स्थल लखनिया दरी जल प्रपात पर लगाई गई प्रशासनिक रोक को जिलाधिकारी के निर्देश पर हटा लिया गया है। पर्यटकों के लिए चूना दरी जाने पर लगाई गई प्रशासनिक रोक जारी रहेगी। लखनिया दरी पर मांस मदिरा लेकर जाना अथवा उसका सेवन पूर्णतया प्रतिबंधित है। पकड़े जाने पर जुर्माना देना होगा।
लखनिया दरी जलप्रपात पर पिकनिक मनाने वाले सैलानियों को प्रति व्यक्ति पांच रुपये की दर से शुल्क देना होगा। हालांकि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इससे मुक्त रखा गया है। बेहतर साफ-सफाई तथा प्रबंधन के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। शुल्क दिए बगैर पर्यटक अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे।