पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के फोटो लगे डाक टिकटों का प्रचलन केंद्र सरकार द्वारा बंद कर दिया गया। जिससे कांग्रेसजनों में रोष व्याप्त है। कांग्रेसजनों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके विरोध जताया।
कांग्रेसजनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को पत्रक भेजा।
कांग्रेस नेता अमिताभ पांडेय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के चित्रों वाले डाक टिकट को राजनैतिक द्वेष भावना के कारण हटाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं ने देश के नव निर्माण और विकास में अग्रणी भूमिका निभाया था। साथ ही भारत के मान और प्रतिष्ठा को दुनिया के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने 106 गुट निरपेक्ष राष्ट्रों की सदारत करके अगुवाई किया था। साथ ही राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्यौक्षावर किया था। महासचिव दयाशंकर पांडेय ने कहा कि दोनो नेताओं ने प्राणों की आहुति देकर भारत के इतिहास में एक गौरवशाली स्थान प्राप्त किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसजन महामहिम से आशा करते हैं कि मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोनों नेताओं के नाम जारी डाक टिकटों को पूर्ववत कायम रखवाएं ।
अर्चना चौबे ने कहा कि दोनों नेता एक ही परिवार से होने के कारण ही उनके व्यक्तित्व में त्याग और बलिदान का जज्बा था। रामनाथ दूबे ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्र के प्रति समर्पण, सादगी, योग्यता, कर्मठता और दृढ़ निश्चय की मजबूत श्रृंखला थी। इस दौरान रोशन अली अंसारी, स्वरुप सिंह, अब्दुल कैयुम, इश्तियाक अंसारी, अब्दुल वहीद, छोटे खान, रामनाथ दूबे आदि मौजूद रहे।