सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी का 349 वां प्रकाशोत्सव रविवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नगर के रतनगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया।
गुरुद्वारे में सिख धर्म के लोगाें सहित अन्य धर्म के लोगाें ने श्रद्धाभाव से गुरुद्वारे में मत्था टेका।
श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 349 वें प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा परिसर में आतिशबाजी किया गया।
गुरुद्वारा परिसर में आयोजित अटूट लंगर में बड़ी संख्या में सर्वधर्म के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारे के हजूरी रागी जत्था ज्ञानी परमजीत सिंह अपने साथियाें के साथ गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन किया।
प्रकाशोत्सव पर स्त्री संगत के साथ ही नगर के गुरुनानक गर्ल्स इंटर कालेज और गुरुनानक इंटर कालेज की छात्राआें ने भी कीर्तन किया। कार्यक्रम के दौरान जगाधरी से आए रागी गुरुविंदर सिंह पंछी जी ने अपने साथियों के साथ कीर्तन प्रस्तुत किया।
रागी जत्थे ने ‘खालसा मेरो रूप है खास खालसे में..’ तथा ‘तही प्रकाश हमरा भयो.. ’प्रस्तुत कर संगताें को निहाल कर दिया। रागी गुरुविंदर सिंह पंछी ने श्री गुरु गोविंद सिंह जी के कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरुजी ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने को न्यौछावर कर दिया।
सचिव सुरजीत सिंह मोगा ने गुरुजी ने न्याय की राह पर चलने का मार्ग दिखाया। सिख संगत के अध्यक्ष गुरविंदर सिंह सरना ने प्रकाशोत्सव पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि हमें हमेशा उनके आदर्शों पर चलना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सिख सेवक जत्था के बलबीर सिंह सरना व इंदरप्रीत सिंह अपने साथियों के साथ सेवा कार्य में डटे रहे। कार्यक्रम में शिरकत किए सभी अतिथियाें को सरोपा भेंट किया गया।
इस दौरान सिख समाज सहित अन्य समाज के लोगाें ने गुरुद्वारे में श्रद्धाभाव से मत्था टेका।