मंडलायुक्त अनिल कुमार ने बुधवार को सदर तहसील का वार्षिक मुआयना किया।
आयुक्त ने एसडीएम सदर को निर्देशित किया कि वे स्वयं तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के न्यायालयाें में वादों के निस्तारण पर नजर रखें।
साथ ही मुकदमों में दिए गए आदेश पर अमल हुआ कि नहीं, माह में एक बार औचक निरीक्षण अवश्य करें।
सदर तहसील के वार्षिक मुआयना के दौरान मंडलायुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि विगत वित्तीय वर्ष में कितने चल/अचल संपत्तियों की नीलामी की गई, कितने कुर्की, कितनाें में अमल दरामद किया तथा कितने नीलाम संपत्तियाें पर निशानदेही की गई, इसकी सूची उपलब्ध कराएं।
122 बी तथा धारा-34 के वादों के निस्तारण में निर्देशित किया कि तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार वादों के निस्तारण में और तेजी लाएं, प्रगति कम है।
उन्हाेंने कहा कि 122 बी तथा धारा-34 में आदेश होने के बाद तत्काल अमल के लिए संबंधित नायब तहसीलदार तथा लेखपाल को दिया जाए। आदेश के अमल की आख्या पत्रावली में लगाई जाए।
122 बी में काफी पुराने मामले पाए गए, जिनमें आदेश तो कर दिया गया, परंतु कम्प्लायंस के लिए संबंधित लेखपाल को नहीं भेजा गया। जिस पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि तत्काल कंप्लायंस कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने तहसील दिवसाें के प्राप्त आवेदन पत्रों के निस्तारण की स्थिति, मिसिलबंद रजिस्टर, डिस्पैच रजिस्टर आदि का बिंदुवार निरीक्षण किया। तहसील परिसर में इंटरलाकिंग कराने के लिए बजट की मांग का निर्देश दिया।