अदालत ने भटवां की पोखरी मुहल्ले के कन्हैया लाल बसंत लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छह बीघा जमीन महीने भर में खाली कराने का निर्देश प्रशासन को दिया है। कॉलेज की जमीन पर 150 परिवारों ने मकान बनवा लिया था। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कब्जेदारों से जमीन खाली करने को कहा है और ऐसा नहीं करने पर बिजली, पानी की आपूर्ति काटने की चेतावनी दी है।
अपर जनपद न्यायाधीश रामलखन सिंह चंद्रौल ने जिला प्रशासन को केबीपीजी कालेज की लगभग छह बीघा जमीन को एक माह के अंदर खाली कराकर कब्जा दिलाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जो लोग कब्जा हटाने में बाधक बनें उनके विरुद्घ मुकदमा दर्जकर कड़ी कार्रवाई की जाए। न्यायालय ने यह आदेश 18 मार्च को दिया था। अब जिला प्रशासन ने करीब डेढ़ सौ कब्जेदारों को नोटिस भेजकर जमीन को खाली करने को कहा है। चेतावनी दी है कि सभी जल्द से जल्द जमीन से कब्जा हटा ले अन्यथा उनकी बिजली व पानी की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। इसके बाद उनका मकान ध्वस्त कर दिया जाएगा।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के भटवा की पोखरी में केबीपीजी कालेज की लगभग छह बीघा जमीन है। लगभग डेढ़ सौ लोगों ने कब्जा कर मकान बनवा लिया है। कॉलेज प्रबंधन ने वर्ष 1981 में अवैध कब्जा हटाने के लिए न्यायालय में मुकदमा किया था। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने जिला प्रशासन को जमीन खाली कराकर कालेज को कब्जा दिलाने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बिजली विभाग, जल निगम व नगर पालिका के अधिकारियों को भी नोटिस भेजकर विवादित जमीन से बिजली कनेक्शन, पानी की सप्लाई बंद करने और मकान का रजिस्ट्रेशन रद्द करने को कहा है। कब्जा करने वालों से एक माह के अंदर खुद मकान नहीं गिराने पर उसे ढहवाने की चेतावनी दी है।