वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुक्रवार को मिलने आए कानपुर के सैकड़ों शिक्षामित्रों को पुलिस एवं पीएसी के जवानों ने रास्ते में रोक लिया। विरोध जताने पर पुलिस एवं पीएसी के जवानों ने उनकी पिटाई करते हुए मंडुआडीह के पास से बस में बैठाया और कछवां थानाक्षेत्र के गढ़ौली के पास छोड़ दिया।
इस दौरान पुलिस की पिटाई से अचेत हुईं दो शिक्षामित्रों को सीएचसी कछवां में भर्ती कराया गया। बाकी को कछवां रोड रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठा कर कानपुर रवाना कर दिया गया।
कानपुर के सैकड़ों शिक्षामित्र गुरुवार की रात ट्रेन से कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और वहां से सुबह पीएम से मिलने के लिए रवाना हो गए। शिक्षामित्रों के आने की जानकारी होते ही पुलिस एवं पीएसी के जवानों ने उनको मंड़ुआडीह के पास रोक लिया और सभी को वापस जाने को कहा।
आरोप है कि विरोध जताने पर सभी की पिटाई करते हुए बस में बैठा कर वाराणसी से करीब 30 किलोमीटर दूर कछवां के गढ़ौली की सीमा पर छोड़ दिया। जहां दो शिक्षामित्र नीता देवी पुत्री रामकिशोर निवासी कानपुर नगर, सुधा पाल पत्नी विनय कुमार निवासी कानपुर नगर बेहोश हो गईं।
बस में मौजूद अन्य महिला शिक्षकों ने पुलिस कर्मियों से बेहोश साथियों को चिकित्सालय पहुंचाने की गुहार लगाई तो उन्हें सीएचसी कछवां पहुंचाया गया। बाकी साथियों को कछवां रोड रेलवे स्टेशन ले जाकर छोड़ा गया।
इसके अलावा नरेश मिश्रा पुत्र शशिलाल, सुनील वाजपेयी, विनोद सिंह पुत्र विनय सिंह, रामसिंह पुत्र मुसा सिंह निवासी कानपुर नगर का भी तबीयत खराब होने पर सीएचसी कछवां में इलाज कराया गया।