श्री विंध्य शक्ति संघ द्वारा बुधवार की रात मां भगवती के मंदिर परिसर में अखिल भारतीय सांस्कृतिक समारोह के तहत कजरी (कजली) महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें इलाहाबाद, बनारस और आरा के गायकों ने गीतों के माध्यम से मां की महिमा का बखान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संघ के संस्थापक पं. सिद्धेश्वरी प्रसाद उपाध्याय ने देवी पूजन कर किया। कज्जला देवी के नाम से विख्यात मां विन्ध्यासिनी के धाम में सावन की एकादशी पर्व पर बुधवार की रात कजली गीतों से श्रोता सुरों की सावनी फुहार में भीगते रहे। कजली के गढ़ बनारस से आई शैलबाला ने जब बरसात सावन मास सखी गीत सुनाया तो लोग वाह वाह कर उठे। प्रतिमा मिश्रा ने बोले चनवा में मोरवा घेरेली बदरी सुनाया। इसी तरह जय पांडेय ने भोले नाथ पर आधारित रचना ओम मंगलम, शिव मंगलम सुनाया तो लोग उनके साथ भजन को गुनगुनाने लगे। सुमन अग्रहरि ने सबही जुटल बा माईं के दरबार में, सुना कर लोगों को मां के दरबार से जोड़ने की सफल कोशिश की। बनारस की ही जया प्रज्ञा ने सावन में पिया कजरी सुनाय दा, जैसी प्रसिद्ध कजली के माध्यम से कजली की महिमा का बखान किया। औरंगाबाद की ममता मिश्र और उनके ग्रुप ने राधा कृष्ण नृत्य प्रस्तुत किया। बीना सिंह और ग्रुप ने राधा कृष्ण की झांकी निकाली। गीतांजली मौर्य ने चला चलके माई का दर्शन कराय द पिया सुना कर लोगों को तालियां बजाने को मजबूर किया। इस दौरान शंकर दयाल, दिनेश तिवारी,श्री उपाध्याय, नारायण शाह, गौरव सिंह , शक्ति उपाध्याय, कुंवर प्रमोद चंद मौर्य, मनीष रावत आदि रहे।