ख्वाजा इस्माइल चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह के उर्स मुबारक के दूसरे दिन मजार पर जियारत करने के लिए जायरीनों का हुजूम उमड़ पड़ा। कंतित शरीफ के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे जायरीन ने अकीदत के साथ चादरपोशी कर मन्नतें मांगी। मजार पर जियारत करने आए देश के कोने-कोने से आए जायरीनो ने तांता लगा रहा। कंतित शरीफ के मजार पर कुलशरीफ का फातिहा पढ़ा गया, वहीं मन्नतें मांगने का दौर निरंतर चलता रहा।
उर्स मुबारक पर कंतित शरीफ के मजार पर सुबह से ही चादरपोशी का दौर शुरू हो गया था जो देर रात तक अनवरत चलता रहा। मजार परिसर में दूरदराज से पहुंचे नर-नारियों ने कुरान शरीफ पढ़कर दुआएं मांगी। चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर हजारों की संख्या में जायरीन कंतित शरीफ के उर्स में अपनी हाजिरी लगाने सुबह से शाम तक पहुंचते रहे। कंतित शरीफ उर्स के दूसरे दिन पूरे पूर्वांचल सहित देश के कोने-कोने से मजार पर जायरीन जियारत करने पहुंचे हुए थे। उर्स मुबारक पर कोई ट्रेन, कोई बस तो कोई अपने निजी संसाधन से कंतित शरीफ के दरबार में पहुंचा। मेला क्षेत्र में जगह-जगह सजी दूकानों से जायरीन सिन्नी व अपने मनपसंद की चादर लेने के बाद कंतित शरीफ के दरबार में पहुंचकर चादरपोशी कर कर देश में अमन-चैन व खुशहाली की कामना की।
मजार पर जियारत करने के बाद बड़ी संख्या में जायरीन मेला क्षेत्र का भ्रमण करके मेले का लुत्फ उठाया। चिलचिलाती धूप को देखते हुए मेला क्षेत्र में जगह-जगह स्वयं सेवी संगठनों की तरफ से शर्बत व शीतल पेयजल का वितरण किया जा रहा था। मेला क्षेत्र में लगी खानपान की दूकानों सहित गृहपयोगी वस्तुओं की दूकानों पर पहुंचकर नर-नारियों ने अपने बजट अनुसार खरीदारी की। कंतित शरीफ उर्स में आए हजारों जायरीनो की सुविधा के लिए इंतजामिया कमेटी शॉह इस्माइल चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह वक्फ नंबर-42 के पदाधिकारी लगे रहे। कंतित शरीफ के सालाना उर्स में उमड़ी जायरीन की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए गए थे।