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घर से लौटे जेई ने जान-माल को बताया खतरा, डीएम से लगाई गुहार

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अहरौरा। नगर पालिका परिषद अहरौरा में तैनात अवर अभियंता सुशील मोहन निगम ने अवकाश से लौटते ही डीएम को पत्र देकर सवाल खड़ा कर दिया कि ड्यूटी ज्वाइन करें अथवा नहीं। जान माल पर खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। पत्र में पालिकाध्यक्ष पर आरोप लगाया है। डीएम को प्रेषित पत्र में मुकम्मल सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई है। आश्वासन के बाद सोमवार की दोपहर पालिका कार्यालय लौटे जेई ने कर्मियों का आचरण सामान्य बताते हुए ड्यूटी की है।
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नगर पालिका परिषद स्थित आवास में बृहस्पतिवार को अवर अभियंता (सिविल) सुशील मोहन निगम ने पंखे में बांधकर चादर लटकाया और नीचे कुर्सी लगा दिया तथा सोशल मीडिया पर अपने मरने के कारणों का उल्लेख करते हुए सुसाइड नोट लिखकर अपने व्हाट्सएप एकाउंट से वायरल कर दिया। जिसके बाद मचे हड़कंप से सकते में आई पुलिस ने दरवाजा तोड़कर रो रहे जेई को बाहर निकालकर सीएचसी पहुंचाया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद जेई को पुलिस द्वारा उनके आवास पर छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम चुनार सुरेंद्र बहादुर सिंह ने आनन-फानन में जेई का अवकाश स्वीकृत करा दिया। दो कर्मचारियों संग ड्यूटी लगाकर उनको घर के लिए प्राइवेट वाहन से भेजा गया। अवकाश की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार को जेई ने जिलाधिकारी को पत्र देकर पालिकाध्यक्ष गुलाब मौर्य से जान माल के खतरे का अंदेशा जताया। इतना ही नहीं ड्यूटी ज्वाइन करें अथवा नहीं पत्र में इस बात का जिक्र करते हुए सवाल खड़ा कर दिया है। साथ ही ड्यूटी के दौरान सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है। जिलाधिकारी को प्रेषित जेई का पत्र वायरल होने से एक बार पुन: हड़कंप मचा और मामले ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि इन आरोपों से इतर अवर अभियंता सुशील मोहन निगम सोमवार की दोपहर पालिका कार्यालय पहुंचे। दैनिक कार्य कर चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। कर्मचारियों से मिले और स्थिति सामान्य बताई है। पालिका कर्मचारियों ने भी जेई की दिनचर्या को सामान्य बताया है। बताया गया कि सोमवार को कार्य के दौरान अवर अभियंता सुशील मोहन निगम ने चल रहे निर्माण कार्यों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन भी किया है।
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वर्जन
नगर पालिका में तैनात अवर अभियंता सिविल सुशील मोहन निगम द्वारा दिए गए पुन: प्रार्थना पत्र का संज्ञान अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में जो भी आदेश जारी किए जाएंगे उसके अनुपालन में कार्यवाही की जाएगी।
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-सुरेन्द्र बहादुर सिंह उपजिलाधिकारी चुनार
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पालिका में अधीनस्थ लोगों से कार्य लेने का अधिकार कार्यालय अध्यक्ष का होता है। मेरी व्यक्तिगत उसमें कोई भूमिका नहीं रहती है। जेई द्वारा लगाया गया आरोप निरर्थक व बेबुनियाद है।
-गुलाब मौर्य,पालिकाध्यक्ष अहरौरा
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कार्यालय में अधिशासी अधिकारी व अन्य कर्मियों से मुलाकात हुई, अधीनस्थ लोगों से सामंजस्य बना रहा। पालिका मे किसी से किसी प्रकार का कोई भय नहीं है। घटना के बाद से अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा हूं। हमको पालिकाध्यक्ष से भय है।
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-सुशील मोहन निगम अवर अभियंता (सिविल) नपाप अहरौरा
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