मिर्जापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंताओं को ही लगा दिया गया। ड्यूटी लगाए जाने संबंधी पत्र के वायरल होने पर हड़कंप मच गया। मंगलवार को आदेश पत्र के वायरल होने और डिप्लोमा इंजीनियर संघ ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई। मामले के तूल पकड़ने पर दूसरा पत्र जारी कर आनन फानन में पूर्व आदेश वापस ले लिया गया। डीएम सुशील कुमार पटेल ने जारी आदेश को त्रुटिवश जारी होना बताया। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए हैं।
29 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंगा यात्रा में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता कन्हैया झा ने 27 जनवरी 2019 को नौ अवर अभियंताओं को पत्र जारी कर निर्देशित किया कि 29 जनवरी को मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम में पुलिस लाइन से विरोही तक ड्यूटी लगाई गई है। वह सहयोगियों के साथ छुट्टा पशुओं को पकड़ेंगे। जिससे मुख्यमंत्री के आवागमन में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। अधिशासी अभियंता ने पत्र की प्रतिलिपि अवर अभियंताओं के साथ ही जिलाधिकारी को भी भेजी थी। अधिशासी अभियंता का आदेश पत्र वायरल होने से हड़कंप मच गया। डिप्लोमा इंजीनियर संघ के लोगों ने विरोध जताया। अवर अभियंताओं ने कहा कि वे आवारा पशु पकड़ने के लिए प्रशिक्षित नहीं है। पशु पकड़ने में उन्हें चोट लग सकती है। डिप्लोमा इंजीनियर संघ के अध्यक्ष विजय सिंह ने भी अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर ड्यूटी लगाए जाने पर आपत्ति जताई। ड्यूटी लगाने का पत्र वायरल होने के बाद डीएम ने मामले को संज्ञान में लिया। डीएम के आदेश पर अधिशासी अभियंता कन्हैया झा ने त्रुटिवश आदेश जारी होने की बात कहकर आदेश को निरस्त करने संबंधी पत्र जारी किया। जारी आदेश भले ही निरस्त हो गया, पर मामले में लखनऊ से जांच बैठा दी गई है।