भगवान विष्णु नींद से जागे। खुशी में लोगों ने दीपों से शहर को सजा दिया। हरि प्रबोधिनी एकादशी पर घाटों का नजारा कुछ ऐसा ही रहा। नगर और विंध्याचल के गंगा घाट पर मंगलवार को सूरज के अस्त होते ही असंख्य दीप जला दिए गए। गंगा के पूजन के बाद आरती की गई। लोगों ने दीपदान किया गया। घाटों की सजावट देखने के लिए नगरवासियों का हुजूम उमड़ पड़ा था। बरियाघाट, सुंदर घाट, बाबाघाट, बदलीघाट, नारघाट, गंगाराम घाट, कचहरी घाट एवं पक्का घाट पर कमेटियों के द्वारा विद्युत झालरों व दीपों की भव्य सजावट की गई थी।
देवोत्थानी एकादशी पर शाम होते ही हजारों की संख्या में दीप श्रृंखला की छटा देखते मी बन रही थी। पूजन समितियों ऊी तरफ से सूर्यास्त होने के बाद घाटों पर मां गंगा की विधि विधान से आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। सुबह के समय विभिन्न गंगा घाटों पर गंगा स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। देवोत्थान के पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर तट पर स्थित शिवालयों में दर्शन पूजन कर सुख समृद्घि की मंगल कामना की। शाम होते ही नगर के विभिन्न गंगा घाट जलते दीपों से पूरा गंगा घाट जगमग रोशनी से नहा उठा। बरियाघाट पर नेता सुभाष चंद्र बोस समिति की ओर से आकर्षक लाइट, साउ़ड एवं रंगोली से सजावट करने के बाद जलते दीपों की कलाकृति बनाई गई थी। दीपों से स्वागतम, वेलकम, शुभ दीपावली आदि लिख कर सजाया गया था। कई स्थानों पर स्वास्तिक, ओम आदि भी बनाये गए थे। समिति ने गंगा आरती भी किया। शहर के विभिन्न इलाकों से हाथों में दीपक, बाती और तेल ले कर लोग घाटों पर पहुंचे थे और दीपों को गंगा में दान कर ईश्वर से विश्व कल्याण की कामना की। गंगा में तैरते दीपकों ने समां बांध दिया था जिन्हें देखने के लिए लोग नावों पर सवार थे। इस दौरान लोगों ने मोबाइल से खूबसूरत लम्हों को कैद किया। घाटों पर जलते दीपों की रोशनी में पुरुष व महिलाओं ने सेल्फी भी खूब लिया।
दीप गंगा सेवा समिति तिवारी टोला की ओर से नगर के बाबाघाट एवं गंगाराम घाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित कर मां गंगा की आरती नगर विधायक रत्नाकर मिश्र द्वारा किया गया। इस मौके पर राजेंद्र नाथ, दिनेश कुमार, बाबा यादव, मनोज यादव, अनूप कुमार आदि मौजूद रहे। गंगा घाटों पर भीड़ उमड़ी तो मेला लग गया। अस्थाई चाट, पकौड़ी, गुब्बारे और खिलौने की दूकानें सज गई थीं।