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Mirzapur News: चीनी मांझा है... दुुकानदार बोला-बाहर कोने में मिलेगा

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इमरती रोड ​स्थित एक दुकान पर पतंग की खरीदारी के लिए उमड़े युवा और बच्चे।-- संवाद।
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मिर्जापुर। कटरा कोतवाली से 200 मीटर दूर संगमोहाल इलाका रविवार को दोपहर दो बजे पतंग की दुकान पर काफी संख्या में युवा पतंग और मांझा खरीद रहे थे। एक युवक आया और दुकानदार से बोला, चीनी मांझा दिजिए। दुकानदार बोला... नहीं है। ग्राहक ने कहा कि अभी तो उसका साथी यहीं से चीनी मांझा ले गया है। इस पर दुकानदार ने उसे बाहर की ओर कोने में जाकर लेने का इशारा किया। इसके बाद युवक उसे चीनी मांझा का बंडल देता है और वह लेकर चला जाता है। बिना पहचान वालों को दुकानदार बाहर जाकर चीनी मांझा दे रहा था। वहीं परिचितों को दुुकान में ही छिपाकर रखे पतंगों के बीच से निकालकर दे देता। यह सिलसिला लगातार चलता रहा। बड़ी बात ये है कि दुकान कटरा कोतवाली से 200 मीटर के रेंज में है फिर भी चीनी मांझा का धंधा चल रहा है।
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80 रुपये में सौ ग्राम बिक रहा चीनी मांझा-मिर्जापुर। बरेली, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी से जनपद में चीनी मांझे मंगवाए जाते हैं। पतंग दुकानों पर 80 रुपये में सौ ग्राम की दर से धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। फर्क बस यह कि दुकानदार सिर्फ पहचान वाले ग्राहकाें को दे रहे हैं। नगर में पक्की सराय, इमरती रोड, घंटाघर, इमामबाड़ा आदि क्षेत्रों छोटे से लेकर बड़ी दुकानों पर धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। संवाद
पुलिस चौकी से 500 मीटर दूर बिक रहा चीनी मांझा-चुनार /अहरौरा। पतंगबाजी के लिए चीनी मंझे की बिक्री पर रोक लगाएं जाने के बाद भी नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी बिक्री ध़ड़ल्ले से हो रही है। पतंगबाजी का शौक करने वाले लोगों को न खुद की और न ही दूसरों की जान की परवाह है। कस्बा चौकी से मात्र 500 मीटर की दूरी पर लाल दरवाजा, चौक, गोला बाजार मार्ग, टेकौर आदि स्थानों पर धड़ल्ले से चीनी मांझे की बिक्री की जा रही है। अहरौरा: नगर में पुलिस चौकी से सटे इलाकों में गोला कन्हैया लाल, सम्मेतर तथा गोला सहुवाईन सहित नई बाजार में पतंग की दुकानों से चोरी-छिपे चीनी मांझे की बिक्री की जा रही है। कुछ दिन पहले पुलिस क्षेत्र से काफी संख्या में चीनी मांझा के साथ एक युवक को हिरासत में लिया था। लेकिन कुछ देर बाद उसे छोड़ दिया गया था। इसकी क्षेत्र में खूब चर्चा थी। संवाद
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इससे खतरा है अब नहीं लेंगे-मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र का पक्की सराय मोहल्ले में दोपहर डेढ़ बजे बाइक सवार वृद्ध (60) दो पोतों को लेकर पहुंचता है। दुकानदार से सीधे चीनी मांझा मांगता है। दुकानदार ने कहा यहां चीनी मांझा नहीं है। दादा से पूछा गया कि चीनी मांझा क्यों खरीदते हैं। इससे तो खतरा है। उनका जवाब था कि बच्चों ने बताया कि दूसरे मांझों से पतंग कट जाती है। सस्ता भी मिलता है इसलिए चीनी मांझा लेने आ गए। इससे खतरा है तो अब नही लेंगे। इस तरह दुकान पर आने वाले कई युवा चीनी मांझा मांग कर रहे थे। दुकानदार सबको बता रहा था कि चीनी मांझा उसके पास नहीं है। दुकानदार मुन्ना ने बताया कि उन्होंने आम मांझा रखा है। उसकी कीमत 50 रुपये में 25 ग्राम है। बताया कि चीनी मांझा बेचने वाले 30 रुपये में ही 25 ग्राम दे देते हैं। इस पर रोक है इसलिए वह नहीं रखता है। संवाद
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