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ऐसा हुआ कब्जा कि स्टेशन गुम

Sat, 06 Aug 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
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स्टेशन के बाहर दूकानें
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सरकार रेलवे स्टेशनों का सुंदरीकरण कर रही है और लाइनों का विस्तार किया जा रहा है। इसके उलट रेलवे की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे से मिर्जापुर स्टेशन अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है। अवैध कब्जे को हटाने के लिए कई बार लोगों को नोटिस दिया गया लेकिन किसी ने जमीन खाली नहीं की। यात्रियों कोे मिर्जापुर रेलवे स्टेशन ढूंढने में परेशानी होती है।
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 संगमोहाल से लेकर रोडवेज तक रेलवे की जमीनों पर कुछ लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा जमाया है। कब्जेदारों ने बकायदा नगर पालिका से कब्जा की गई जमीन को दूकान के नाम से एलाट करा लिया है और दूकानें भी खोल ली हैं। इसकी जानकारी होने पर रेलवे ने सभी को नोटिस देकर जमीन खाली करने को कहा है लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक कब्जेदारों ने जमीन खाली नहीं की है। बेबस रेल अधिकारी कब्जेदारों की दबंगई के आगे विवश हैं।

वह जब भी नोटिस भेजते हैं तब दूकानदार कुछ दिनों में खाली करने की बात करते हुए मामले को टाल जाते हैं और जैसे ही मामला ठंडा होता है वैसे ही शांत बैठ जाते हैं। जब किसी नए अधिकारी की तैनाती इलाहाबाद मंडल में होती है और वो मिर्जापुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आता हैं और यहां की स्थिति देख कर हैरान हो जाता है। पूछताछ करने पर रेल कर्मचारी बताते हैं कि जमीन तो रेलवे की है लेकिन नगर पालिका ने इसे अपनी जमीन बताते हुए लोगों को दूकान एलाट किया हुआ है। इससे उनको हटाने में अड़चन पैदा हो रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि जमीन रेलवे की है।
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नगर पालिका ने दूकानें बनाकर आवंटित की थीं। रेलवे ने कभी  इसे खाली करने के लिए नहीं कहा। रेलवे जब भी नगर पालिका से इस बारे में कहेगा उच्चाधिकारियों को सूचित कर खाली कराने की कर्रवाई की जाएगी।
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