मिर्जापुर। तेज हवा और गरज-चमक के साथ मंगलवार को सुबह हुई बारिश से तापमान में गिरावट हो गई। इससे गलन और ठंड बढ़ गई। बारिश के चलते सड़कों और गलियों में गड्ढों में जगह-जगह पानी भर गया। इसके चले पैदल चल पाना भी मुश्किल हो गया। दोपहर बाद धूप निकलने से लोगों ने राहत महसूस की, हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रही।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ स्थानों पर पानी भर जाने से वादकारी और अधिवक्ता परेशान रहे। रोडवेज परिसर में गड्ढों में पानी भर जाने से यात्री परेशान रहे। आर्य कन्या रोड, घंटाघर, वासलीगंज, रामबाग, जिला अस्पताल रोड सहित अन्य स्थानों पर सड़क की पटरियों पर कई जगह पानी भरा रहा। शास्त्री पुल से नीचे पुतलीघर, लोहिया तालाब, ओझला, दूधनाथ की चुंगी, कंतित, विंध्याचल मार्ग पर गड्ढायुक्त सड़कों और पटरियोंं पर जगह-जगह पानी भर जाने से राहगीर परेशान रहे। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने मौसम पूर्वानुमान के आधार पर बताया कि आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कहीं-कहीं बूंदाबांदी अथवा हल्की बारिश भी हो सकती है। हवा की गति सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
उधर, बिना मौसम बारिश से दलहनी और तिलहनी की फसल को नुकसान होने की बात कही जा रही है। हालांकि बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी बताई जा रही है। जिगना क्षेत्र में मंगलवार को सुबह साढ़े 11 बजे से अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा के साथ हुई बारिश से सरसों, मसूर, मटर, चना की फसलों को नुकसान हुआ। क्षेत्र में कई स्थानों पर शादी समारोह होने के कारण आयोजकों के सामने भी समस्या पैदा हो गई। पड़री क्षेत्र में गरज-चमक के साथ क्षेत्र में हुई बारिश से किसानों की मुसीबत बढ़ गई। खलिहानों में मड़ाई के लिए रखी सरसों, चना, मटर और मसूर की फसल पानी से भीग गई।। लालगंज क्षेत्र में हुई बारिश से तिलहन की फसल के साथ ही दलहनी फसल भी प्रभावित हुई। सरसों की फसल पक कर तैयार है। बिना मौसम बारिश से सरसों की फसल नष्ट हो रही है। शेरवां क्षेत्र में तेज हवा और गरज-चमक के साथ हुई बारिश से दलहनी और तिलहनी फसल को नुकसान हुआ। बारिश के दौरान तेज हवा के चलते फसलें खेतों में गिर गईं। चना, मटर, तीसी के अलावा आलू को नुकसान पहुंचा है। जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार यादव का कहना है कि इस समय बारिश किसी भी फसल के लिए ठीक नहीं है। ज्यादातर किसान गेहूं की फसलों की सिंचाई कर चुके हैं। बारिश के बीच हवा चलने से फसल गिरने की संभावना बढ़ जाती है। उधर, हलिया क्षेत्र में आंधी और बारिश के कारण शादी समारोह के लगे टेंट गिर गए। इससे लोग परेशान रहे। बारिश के चलते खेतों में पक कर तैयार सरसों, मसूर, अलसी आदि फसले पानी से भींग गईं। खलिहान में मड़ाई के लिए रखी सरसों, मसूर, मटर की फसल पानी से भीगने से बचाने के लिए किसान तिरपाल लगाने में जुटे रहे।