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रंगदारी, व्यवसायिक और आशनाई के एंगल पर हत्या की पड़ताल

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चुनार। कोतवाली क्षेत्र के कबीर मठ के पास रविवार की रात इस्पात कंपनी के टेक्निकल मैनेजर की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने सोमवार को फैक्ट्री के आपरेशन इंचार्ज सुमित मोहंती की तहरीर पर तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले में पुलिस आशनायी, रंगदारी और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा समेत कई अन्य एंगल से जांच कर रही। घटनास्थल के पास लगे सीसी कैमरे की छानबीन के साथ ही कंपनी के लोगों, टेलर व अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही।
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क्षेत्र के धौहां गांव स्थित शांति गोपाल कॉनकास्ट लिमिटेड कंपनी के टेक्निकल मैनेजर 35 वर्षीय जिवनंदी रथ रविवार की देर शाम साथी किशोर चंद्र दास व सुमित मोहंती के साथ कार से चुनार के गोला बाजार स्थित दुकान पर सामान लेने आए थे। कार सचिन शुक्ला चला रहा था। बाजार से घरेलू सामान लेने के बाद वे तीनों कार के पास आए और उसमें सामान रखने के बाद रामलीला मैदान के पास स्थित टेलर की दुकान पर कपड़ा लेने गए। तीनों लोग कपड़ा लेकर पैदल कबीर मठ के पास खड़ी कार की तरफ आ रहे थे तभी अंधेरे में पहले से घात लगाकर बैठे तीन बदमाशों ने उनको घेर लिया और असलहे से फायर शुरू कर दिया। कई राउंड गोली चली। जिवनंदी की मौके पर ही मौत हो गई। किशोर चंद्र दास के कमर में गोली लगी तो वहीं सुमित ने भागकर जान बचाई। किशोर चंद्र को वाराणसी के सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद एडीजी जोन बृजभूषण, आईजी पीयूष श्रीवास्तव, प्रभारी एसपी संजय कुमार रात में घटना स्थल पर पहुंच कर छानबीन किए। पुलिस को अभी तक हत्या का मुख्य कारण नहीं पता चल सका है। पुलिस कंपनी के लोगों और अन्य से पूछताछ कर कई एंगलों पर छानबीन कर रही है। इसमें आशनाई का मामला भी सामने आ रहा है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसके साथ ही रंगदारी, व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के एंगल पर भी पुलिस छानबीन कर रही है।
नौ राउंड हुआ फायर, एक से अधिक असलहे का हुआ प्रयोग
दूसरे दिन मिले तीन और खोखे
चुनार। चुनार में टेक्निकल डायरेक्ट और साथी पर अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार की रात और सोमवार की सुबह मिलाकर कुल आठ खोखा और एक कारतूस बरामद किया गया। पुलिस को आशंका है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए एक अधिक असलहे का इस्तेमाल अपराधियों ने किया।
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हत्या के बाद पुलिस ने रात में जब घटना स्थल की छानबीन किया तो मौके से पांच खोखा और एक कारतूस बरामद किया था। तब तक बताया गया कि एक ही असलहे का प्रयोग किया गया होगा, पर सोमवार को घटना स्थल पर दोबारा छानबीन करने पर तीन और खोखे बरामद हुए। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या में दो से अधिक असलहे का प्रयोग हो सकता है। पुलिस ने जिवनंदी के साथ बाजार आए सुमित मोहंती की तहरीर पर तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। सुमित मोहंती घटना स्थल पर जिवनंदी के साथ था। गोली चलने पर वहां से भाग कर जान बचाया। वह घटना का चश्मदीद है। उसके मुताबिक तीन नकाबपोश थे। कितने असलहे का प्रयोग हुआ, यह नहीं बता पा रहा है। शनिवार को पांच खोखा, एक जिंदा कारतूस और सोमवार को तीन और खोखा मिलने से यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि एक से अधिक असलहे का प्रयोग हो सकता है। पुलिस को भी लग रहा है कि एक से अधिक असलहे का प्रयोग हुआ है। प्रभारी एसपी संजय कुमार ने बताया कि एक से अधिक असलहे का प्रयोग हुआ है।
चालक ने बताया पत्नी से रिश्ते नहीं थे बेहतर
चुनार। पुलिस ने जिवनंदी के चालक सचिन शुक्ला से पूछताछ किया। पूछताछ में चालक ने पत्नी से अच्छे संबंध न होने की बात बताई। जिवनंदी का विवाह 2012 में संघमित्रा से हुआ था। छह वर्ष से दाम्पत्य जीवन को लेकर दोनों में कुछ तनाव चल रहा था। पुलिस ने चालक सचिन से जिवनंदी और उनके पत्नी के रिश्ते के बारे में पूछताछ किया तो चालक ने यह बात बताई। पुुलिस इस एंगल पर भी छानबीन कर रही है।
चार हुई पार, पांचवीं गोली पोस्टमार्टम में जिवनंदी की जांघ से निकाली गई
चुनार। बदमाशों ने डायरेक्टर टेक्निकल जिवनंदी पर ताबड़तोड़ फायर कर हत्या कर दी गई। इस जघन्य आपराधिक घटना में मृतक के शरीर से चार गोली आर पार हो गई तो वहीं पांचवी गोली जांघ में फंसी थी जिसे चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के वक्त निकाला। सोमवार को जिवनंदी का पोस्टमार्टम किया गया।
रविवार की रात को पुलिस अस्पताल ले गई तो आशंका जताई गई कि उनको दो गोली लगी है, पर घटना स्थल पर रविवार को पांच और सोमवार को तीन खोखा बरामद होने के बाद आशंका जताई गई कि जिवनंदी को कई गोलियां लगी हैं। गोली की संख्या पता करने के लिए पोस्टमार्टम से पहले उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे किया गया। इसमें उनके शरीर में पांच गोली लगने की पुष्टि हुई। इसमें चार गोली कंधे, सीने और पेट से पार कर निकल गई थी। पांचवी गोली उनके दाहिने जांघ में फंसी थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हत्यारे न केवल बेखौफ थे बल्कि उन्होंने जिवनंदी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। हत्या करने के लिए उसे पांच गोली मारा जाना, इस बात की ओर भी इशारा करता है कि उक्त व्यक्ति का बचने का कोई चांस न रहे। पांच गोली मारने से यह भी स्पष्ट हो गया कि अपराधियों का मुख्य लक्ष्य जिवनंदी ही थे।
श्रमिको ने बताया सरल स्वभाव के थे जिवनंदी
चुनार। पोस्टमार्टम हाउस पर आये फैक्ट्री के श्रमिक समर सिंह, रामधर सिंह, महेन्द्र सिंह, कृष्ण कुमार सिंह व सिक्योरिटी गार्ड वकील सिंह ने बताया कि मृतक टेक्निकल डायरेक्टर जिवनंदी बड़े ही सरल स्वभाव के थे। उच्च पद पर होने के बाद भी फैक्ट्री कर्मियों को बराबर सम्मान देते थे। उनकी इस तरह से निर्मम हत्या होना मानवता को शर्मसार करता है।
मृतक के फिंगर प्रिंट से खोला गया मोबाइल का लॉक
चुनार। फैक्ट्री अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारियों ने मृतक डायरेक्टर टेक्निकल के फोन और लैपटाप को जब्त कर लिया और उसकी जांच कर रही है। फोन फिंगर लाक था तो पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर मृतक के अंगुलियों से मोबाइल लाक को खोला। पुलिस कंपनी से मिले मोबाइल नंबर पर आए फोन नंबर और अन्य नंबरों से पड़ताल में जुटी है। इसके अलावा उनके लैपटाप को जांच पड़ताल के लिए जब्त कर लिया है।
फैक्ट्री में कार्य जारी, प्रवेश द्वार बंद
चुनार। फैक्ट्री के डायरेक्टर टेक्निकल की हत्या होने के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा बढ़ाई गई है। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय पुलिस तो तैनात है ही, फैक्ट्री के प्रवेश द्वारा को भी बंद कर दिया गयाल् है। पूछताछ और जांच पड़ताल करने के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है। प्रभारी एसपी संजय कुमार ने केबिन में बैठकर कंपनी के लोगों से पूछताछ किया। केबिन के पास किसी को जाने नहीं दिया जा रहा था।
एडीजी पहुंचे, पुलिस के आला अधिकारियों ने चुनार में किया कैंप
चुनार। टेक्निकल डायरेक्टर की हत्या होने के बाद रविवार की देर रात तक आला अधिकारियों का घटनास्थल पर पहुंचना जारी रहा। पुलिस के कई आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। घटना के समय सभी अधिकामरी मुख्यमंत्री के आनलाइन बैठक में शामिल थे। बैठक खत्म होने के बाद प्रभारी एसपी संजय कुमार, उसके बाद आईजी विंध्याचल परिक्षेत्र पीयूष श्रीवास्तव पहुंच कर छानबीन किए। देर रात साढ़े 11 बजे एडीजी जोन वाराणसी बृजभूषण डाग स्क्वाड टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टेलर से पूछताछ किया और अधिकारियों को जल्द घटना का खुलासा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने भी मौका मुआयना किया। रात से ही अधिकारी चुनार में जमे रहे। सोमवार की सुबह सारे अधिकारी घटना स्थल से लेकर धौहां फैक्ट्री पहुंच कर पूछताछ कर छानबीन में जुटे। आईजी से लेकर प्रभारी एसपी, सीओ सभी चुुनार में ही कैंप किए हुए हैं। प्रभारी एसपी व अपर पुलिस अधीक्षक सीटी संजय कुमार व पुलिस उपाधीक्षक सुशील कुमार यादव धौंहा स्थित शांति गोपाल इस्पात फैक्ट्री पहुंचकर फैक्ट्री के अधिकारी व श्रमिकों से बारी-बारी से दोनों पुलिस अधिकारी अलग-अलग पूछताछ करते रहे।
तीन टीमों का किया गया गठन
चुनार। टेक्निकल मैनेजर के हत्या का खुलासा करने के लिए आईजी और प्रभारी पुलिस अधीक्षक संजय कुमार स्वयं घटना के हर एंगल पर जांच कर रहे है। मामला का खुलासा करने के लिए प्रभारी एसपी ने तीन टीमों का गठन किया है। इसमें प्रभारी निरीक्षक चुनार, क्राइम ब्रांच की स्वाट और एसओजी की टीम को लगाया गया है।
एंबुलेंस से कंपनी के लोग शव ले गए घर
चुनार। टेक्निकल मैनेजर का सोमवार की शाम को पोस्टमार्टम हुआ। दोपहर मेें उसके चचेरे भाई डा. रंजन व शुभाशीष दिल्ली से फ्लाइट से वाराणसी आए। वहां से चुनार पहुंचे। शाम को वाराणसी से उनकी फ्लाइट उड़ीसा के लिए थी। इसलिए वे पोस्टमार्टम होने के दौरान निकल गए। शाम को पोस्टमार्टम होने के बाद एंबुलेंस से कंपनी के लोग शव लेकर उड़ीसा के लिए रवाना हुए।
माता-पिता का इकलौता पुत्र था जिवनंदी
चुनार। मृतक डायरेक्टर जिवनंदी रथ अपने माता पिता के इकलौता पुत्र थे। उनकी एक बहन है। घटना की छह वर्ष पूर्व संघमित्रा से शादी हुई थी। पुलिस के घटना की जानकारी देने पर परिवार में कोहराम मच गया। दिल्ली से चचेरे भाई फ्लाइट से चुनार पहुंचे। पुलिस ने चचेरे भाईयों से परिवार के बारे में जानकारी लिया।
तीन डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
चुनार। टेक्निकल डायरेक्टर का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल ने किया और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम एसडीएम चुनार जंग बहादुर के निर्देशन में डा. रमेश समेत तीन डाक्टर के पैनल ने किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। ऐसा बड़े मामलों में किया जाता है।
कंपनी के सुपूर्द किया जिवनंदी सामान
चुनार। पुलिस ने जिवनंदी के चचेरे भाईयों से उनके कमरे में रखे उनके अन्य सामान को ले जाने के बारे में पूछा तो चचेरे भाईयों ने सामान को कंपनी के सुपूर्द करने को कहा। कंपनी के मालिक के पुत्र गौतम चौधरी के सुपूर्द करने को कहा। जरुरत पड़ने पर बाद में ले जाने की बात कही।
खंगाले जा रहे आस-पास के सीसी टीवी कैमरे
चुनार। पुलिस ने आस-पास के सीसी कैमरे को खंगाला। सीसी कैमरे को खंगालने के लिए सीओ मड़िहान प्रभाकर राय को लगाया गया था। सीओ ने ऐक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और बैंक रोड पर स्थित एक कपड़े की दुुकान पर लगे कैमरे की छानबीन किया। एक कैमरे में पुलिस को दो युवक जाते दिखाई दिए, पर अंधेरा होने के कारण कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है।
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वर्जन
हत्यारों को पकड़ने और घटना का जल्द खुलासा करने के लिए पुलिस मौके पर कैंप कर रही है। चुनार पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
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-पीयूष श्रीवास्तव, आईजी विंध्याचल परिक्षेत्र
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