मिर्जापुर। फास्टैग ने हाईवे पर रफ्तार पर कदर ब्रेक लगा दी है कि घंटों तक वाहन लंबे जाम में फंस रहे। टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों का ज्यादा समय तक इंतजार न करना पड़े इसके लिए फास्टैग की व्यवस्था की है, लेकिन यह व्यवस्था विपरीत असर डाल रही। मिर्जापुर में नेशनल हाईवे का कोई भी टोल प्लाजा नहीं है, पर वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा पर सोमवार की रात से शुरू हुई इस व्यवस्था के बाद लगे जाम से मिर्जापुर भी प्रभावित हुए बिना नहीं रहा। 36 घंटे तक वाहन जाम में फंसे हैं।
टोल प्लाजा पर वाहन स्वामी का समय बचे और लाइन में इंतजार न करना पड़े, इसलिए परिवहन मंत्रालय ने देश के सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया है। फास्टैग लग जाने से वाहनों को ज्यादा देर टोल पर नहीं रुकना पड़ेगा। टोल पर फास्टैग स्कैन होते ही वाहन रवाना हो जाएगा। लेकिन प्रणाली सही से काम नहीं करने की वजह से स्कैनिंग में दिक्कत हो रही। एक वाहन को गुजारने में अधिक समय लगने से जाम बढ़ता जा रहा। फास्टैग का आदेश एक जनवरी से लागू होना था, पर इसे टाल कर 15 फरवरी की रात से लागू किया गया। पर समस्या खत्म होने के बजाए और बढ़ गई है। वाहनों की लंबी कतार लग रही है।