उद्यमिता, तकनीकी नवाचार और सतत स्टार्टअप पर तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू
राजीव गांधी दक्षिण परिसर, बीएचयू में 82 प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण
मिर्जापुर। बीएचयू के राजीव गांधी दक्षिण परिसर में सोमवार को उद्यमिता, तकनीकी नवाचार और सतत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र विषयक तीन दिवसीय व्यावसायिक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि बनारस लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी के उप महाप्रबंधक सागर ने कहा कि वर्तमान औद्योगिक परिवेश में नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्यमशील सोच का विशेष महत्व है। युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रोजगार सृजित करने और समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में भी काम करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव डॉ. संजय कुमार ने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के विकास के लिए नए विचारों के साथ संस्थागत व वित्तीय सहयोग भी जरूरी है। युवाओं को उपलब्ध अवसरों का प्रभावी उपयोग करना चाहिए। राजीव गांधी दक्षिण परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बीएमएन कुमार ने कहा कि परिसर का शैक्षणिक एवं भौगोलिक परिवेश कृषि, तकनीक, उद्यमिता और सतत विकास के क्षेत्र में नवाचार की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध कराता है।
प्रबंधन अध्ययन संस्थान के कृषि व्यवसाय प्रबंधन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम 14 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें 82 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें स्नातक व परास्नातक विद्यार्थी, शोधार्थी और विभिन्न विषयों के शिक्षक शामिल हैं।
प्रबंधन अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी ने विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। संस्थान के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष प्रो. एसके दुबे ने विभिन्न विषयों के बीच समन्वय, सहयोग और तकनीकी नवाचार को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आर्थिक रूप से व्यवहार्य होने के साथ सामाजिक व पर्यावरणीय दृष्टि से टिकाऊ व्यवसाय मॉडल विकसित करने की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम के समन्वयक व कृषि व्यवसाय प्रबंधन के पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो. अभिजीत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिभागियों को विचार सृजन से लेकर नवाचार, उद्यम स्थापना, व्यावसायीकरण और सतत प्रभाव तक की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
आयोजन सचिव डॉ. राजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान प्रो. आशीष सिंह, प्रो. सुभाष प्रताप सिंह, डॉ. त्रिभुवन नाथ, डॉ. दीपिका कौर और डॉ. आशीष कुमार गौतम सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। तीन दिवसीय कार्यक्रम में उद्यमिता, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप विकास और सतत व्यवसाय मॉडल से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे।