धधकते सूरज की तल्ख किरणें इन दिनों कहर बरपा रही हैं। सुबह सूर्योदय होने के बाद से ही वातावरण गर्म हो जा रहा है और देखते ही देखते तल्ख धूप हर कोई पर हाबी हो जा रही है। शनिवार को सूरज की तेज किरणों की तपिश व गर्म हवाओं के झोंकों से लोगों का हाल बेहाल रहा। आवश्यक कार्यवश घरों से निकलने वाले महिला व पुरुष अपने चेहरे को कपड़े से ढककर ही निकलना मुनासिब समझे, वहीं स्कूूली बच्चे खड़ी दोपहरिया में घर लौटते समय पसीने-पसीने हो रहे थे।
शनिवार को दोपहर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के उपर चले जाने से जहां नगर की सड़कों व बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा छाया रहा, वहीं तल्ख धूप से बचने के लिए इंसानों सहित मवेशी भी छाया की तलाश करते नजर आए। बाजारों में खरीदारी करने आए लोग शीतल पेय पदार्थों का सेवन कर गर्मी से बचाव करते नजर आए, वहीं बाजारों में मौसमी फलों की बहार रही। बाजारों में बिक रहे तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा आदि के दूकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।
प्रचंड गर्मी व लू के थपेड़ों से जहां आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं विचरण करने वाले मवेशी भी पेड़ की छांव का तलाश करते दिखे। सुबह के समय उतनी गर्मी नहीं थी, जिसके कारण बच्चे स्कूल तो चले गए, लेकिन वापस घर लौटते समय तेज धूप व गर्म हवाओं के कारण उनके चेहरे लाल हो गए थे, वहीं कई अभिभावक अपने बच्चों को छाता के सहारे घर तक पहुंचाए।
वीरेंद्र