हत्या के मामले में शहर कोतवाली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। चार लोगों की हत्या के मामले में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी आरोपी को शहर कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम ने 16 वर्ष बाद गुजरात में गिरफ्तार कर लिया। वहां वह नाम बदलकर रह रहा था। इस मामले का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजय कुमार वर्मा ने बुुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कजरहवा पोखरा में वर्ष 2006 में राधेश्याम यादव के परिवार में पूजा के दौरान राधेश्याम, उनकी पत्नी, पुत्र संतोष और ओझाई करने आए राजेंद्र प्रसाद की मौत हो गई थी। चार लोगों की हत्या के मामले में पप्पू उर्फ ओमप्रकाश विश्वकर्मा निवासी खजुरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी 14 नवंबर 2006 से फरार चल रहा था। वर्ष 2009 में आरोपी के ऊपर पांच हजार के इनाम की घोषणा हुई, परंतु आरोपी नहीं पकड़ा जा सका। एक माह पूर्व डीआईजी विंध्याचल परिक्षेत्र रामकृष्ण भारद्वाज ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए शहर कोतवाल अरविंद कुमार मिश्र और एसओजी प्रभारी सत्येंद्र कुमार यादव की टीम छानबीन में लग गई। सर्विलांस और मुखबिर के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी गुजरात में परिवार के सदस्यों के साथ रह रहा है। उसकी पुत्री की शादी वाराणसी में हुई है। जहां वह आता है। पुलिस और एसओजी की टीम गुजरात गई। वहां गुजरात पुलिस के सहयोग से आरोपी पप्पू उर्फ ओम प्रकाश विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके गांव खजुरी लाकर उसकी पहचान कराई गई। पहचान होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी नाम बदलकर गुजरात में रह रहा था। आरोपी गुजरात के सूरत में भिंडी बाजार गुलशन नगर प्लाट नंबर 10 में राजीव विश्वकर्मा के नाम से रहता था। वहां वह लकड़ी का पूजा घर बनाता था। परिवार के सदस्यों को साथ लेकर रहता था। उससे दो पुत्र दो पुुत्रियां हैं। पुत्री की शादी वाराणसी में की है। वह वाराणसी आता था तो स्टेशन के पास रुकता था अथवा किसी लाज में रुकता था।