मिर्जापुर/कछवा। आदर्श नगर पंचायत कछवां में गंगा किनारे हो रहा बालू और मिट्टी का अवैध खनन एक बार फिर उफान पर है। अवैध खनन की सूचना पर मंगलवार को एसडीएम सदर गौरव श्रीवास्तव तहसील कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर गंगा किनारे हो रहे खनन को रोकवाया था। जांच में कमियां भी सामने आई थी जिसके लिए स्पष्टीकरण मांगा गया था। दो-तीन दिन बाद फिर से निर्धारित दायरे से बाहर खनन शुरू हो गया। इसको लेकर स्थानीय लोगों में रोष है।
कछवां में मनमाने ढंग से अवैध खनन चल रहा है। जब यह मामला प्रकाश में आया तो आनन फानन में प्रशासन ने जांच पड़ताल शुरू की। एसडीएम सदर गौरव श्रीवास्तव ने नापी कर कास्तकारों की जमीन अलग और गंगा रेत, नगर पंचायत व ग्राम समाज की जमीन को अलग कर निशान लगाने तक खनन पर रोक लगावा दिया था। जांच में निजी क्षेत्र के साथ दायरे से बाहर खनन होता पाया गया। खनन कर्ताओं को केवल मिट्टी खनने का फरमान जारी किया गया था। बावजूद इसके खनन कर्ता खनन करते नजर आ रहे हैं। कछवा क्षेत्र में पोकलैंड, जेसीबी व डंफर लगा कर खनन माफिया शासन के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। जबकि एक माह में चार बार खनन बंद कराया गया और गाड़ियों को भी सीज किया गया। इसके बाद भी खनन पुन: चालू हो गया। लेखपाल शेषमणी ने बताया कि गंगा किनारे हो रहा खनन नगर पंचायत की जमीन पर है नापी करने के बाद नगर पंचायत की जमीन पर निशान लगा दिया गया है और खनन कर्ता को निर्देशित किया गया कि नगर पंचायत की जमीन को समतलीकरण कर पाट दिया जाए और जमीन पर खनन नहीं किया जाए। फिर भी सब कुछ पहले जैसा ही चल रहा है।
इस बाबत एसडीएम सदर गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि जांच में निजी क्षेत्र के साथ कुछ बाहरी भूमि पर भी खनन होता पाया गया। इसके बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।