जेपी सीमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले कामगारों ने अपने साथ हो रहे अन्याय एवं वेतन में मनमानी कटौती से नाराज हो कर बुधवार को फैक्ट्री गेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दिया। इससे घंटों फैक्ट्री का कामकाज प्रभावित रहा। कहा कि कामगारों के सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे उनकी जान हमेशा जोखिम में रहती है। मजदूरों के उग्र तेवर को देखते हुए फैक्ट्री के अधिकारी व स्थानीय प्रशासन ने मजदूरों की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया, इसके बाद मजदूरों ने काम शुरू किया।
धरना दे रहे मजदूर तिलकधारी, प्रमोद, मोहसिन, रोशनलाल, अलाउद्दीन, उदय, बृजेश सहित दर्जनों कामगारों ने बताया कि काम कराने के बाद वेतन महीनों बाद दिया जाता है, वह भी मनमाना कटौती करने के बाद। मजदूरों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन एवं मजदूर आपूर्ति करने वाले ठेकेदार मिलीभगत कर कामगारों का शोषण कर रहे हैं। बताया कि पहले पूरे महीने काम मिलता था। उसे घटा कर 20 दिन कर दिया गया है। विरोध करने पर काम से निकालने की धमकी दी जाती है। कामगारों को कितना वेतन मिलना चाहिए, भविष्य निधि का पैसा कितना जमा हुआ कुछ पता नहीं। सुरक्षा का कोई उपाय न होने से हर वक्त जान जोखिम में रहती है। कितने ही मजदूर की काम करते समय दुर्घटना में मौत हो गई है, बाबजूद इसके फैक्ट्री प्रबंधन सुरक्षा का उपाय नहीं करती है। जिससे यहां काम करने वाले कामगारों में आक्रोश है। फैक्ट्री के अधिकारी एनके बोरा ने बताया कि मजदूर अपने भविष्य निधि एवं वेतन के बारे में जानकारी चाहते थे। कहा कि मजदूरों के साथ बातचीत कर मामले का निराकरण कर लिया गया है।