मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के रेही गांव में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले की सुनवाई करते हुए गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दहेज उत्पीड़न में पति को दोषी पाए जाने पर दो वर्ष की कैद और छह हजार के अर्थ दंड से दंडित किया।
लालगंज थाना क्षेत्र के रेही गांव में 14 अप्रैल 2017 को शैला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद हरिश्चंद्र निवासी लखमापुर कोतवाली देहात ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी पुत्री शैला की शादी 2009 में रेही गांव निवासी रामेश्वर से की थी। शादी के बाद से ही उसका पति उसे प्रताड़ित करता था। कभी-कभी पिटाई करता था। संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। मौत होने पर 16 अप्रैल को थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का आरोप पत्र न्यायालय में दिया थ। इस बीच आरोपी जमानत पर छूट कर मुकदमे की पैरवी करता रहा। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता सच्चिदानंद तिवारी ने आठ गवाह प्रस्तुत कराए गए थे। मामले सुनवाई करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का पर्याप्त आधार नहीं पाया। मारपीट आर मानसिक प्रताड़ना के जुर्म में दो वर्ष की सजा के साथ छह हजार रुपये से दंडित किया।