नगर में प्रतिबंधित स्थानों पर भी होर्डिंग्स लगा दी गई है। इससे हादसे का डर है। नगर में नगर पालिका की ओर से होर्डिंग्स लगाने के लिए लाइसेंस दिया जाता है। यह लाइसेंस प्राप्त संस्था या व्यक्ति ही नगर में प्रस्तावित स्थानों पर होर्डिंग्स लगवा सकते हैं लेकिन कई जगहों पर बिना किसी अनुमति के ही होर्डिंग्स लगवा दी गई है। नगर के शीतला मंदिर से विंध्याचल जाने वाले राजमार्ग पर नियमों को दरकिनार कर बीचों बीच होर्डिंग्स लगवाई गई है। इसी प्रकार विंध्याचल में प्रयागराज जाने वाले मार्ग पर भी राजमार्ग के बीचो बीच होर्डिंग्स लगवाई गई है। नियमानुसार राजमार्ग पर बीच के स्थान पर होर्डिंग्स लगवाना प्रतिबंधित है। इसी प्रकार स्टेशन रोड, सिविल लाइन तिराहा आदि जगहों पर भी होर्डिंग्स लगवाई गई है। इनमें से अधिकतर मान्यता प्राप्त एजेंसियों की ओर से लगवाई गई है। नगर पालिका क्षेत्र में हर प्रचार सामग्री चाहे वह होर्डिंग्स हो, खंभों पर लटकने वाली प्रचार सामग्री, घरों पर या फिर अन्य जगहों पर यदि कोई प्रचार सामग्री लगाई जाती है तो वह कर के दायरे में आती है। यहां तक कि ध्वनि विस्तारक यंत्र से भी जो प्रचार किया जाता है, वह भी कर के योग्य है लेकिन इन सभी की पूरी तरह अनदेखी की जाती है। नगर क्षेत्र में शुल्क की एक समान दर लागू है। सौ रुपये प्रति वर्गफीट, चाहे वह वासलीगंज हो, मुकेरी बाजार हो या फिर स्टेशन रोड हो या फिर घंटाघर चौराहा ही क्यों न हो। आमतौर पर होर्डिंग्स उतारने का अभियान किसी चुनाव के समय ही चलता है या फिर किसी विशेष दिशा निर्देश पर। जैसे पिछले वर्ष अप्रैल 2025 में नगर पालिका ने अभियान चलाकर नगर में लगे अवैध होर्डिंग्स को हटवाया था। इसके अतिरिक्त चुनावी समय में ही इन होर्डिंग्स या बैनर को हटाने की याद आती है। डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता राजमार्ग ने बताया कि राजमार्ग पर बीच में होर्डिंग्स लगाना नियमविरुद्ध है। इसके लिए नगर पालिका को पत्र लिखा गया है। यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है तो फिर से पत्र दिया जाएगा। जी लाल, ईओ नगर पालिका मिर्जापुर ने बताया कि इसको देखा जाएगा। यदि यह नियमविरुद्ध है तो संबंधित के खिलाफ जरुर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।