चीख सुनकर पड़ोसी सीता (31) पत्नी राजकुमार दरवाजा खोलने पहुंची तो करंट की चपेट में आकर झुलस गयी। गांव निवासी नीरज (30) पुत्र दुलार प्रजापति भी करंट की चपेट में आने से झुलस गया। दोनों झुलसे लोगों का दीपनकर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूचना पर पहुंचे संतनगर थाना प्रभारी कमल टावरी ने शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दूसरी घटना रामपुर गांव की है। जहां मंगलवार रात लगभग 12 बजे घरों में 11 हजार वोल्टेज करंट उतर गया। गांव निवासी मुन्ना (28) पुत्र सागर ने बताया कि रात 12 बजे अचानक ट्रांसफार्मर जलने लगा। इससे करंट घरों में पहुंच गया। घर में लगे बोर्ड से बल्ब के लिए तार खींचा गया था, जो जलकर हम पति-पत्नी पर गिर गया। इसमें दोनों लोग झुलस गए। एंबुलेंस की मदद से दोनों को पटेहरा पीएचसी पहुंचाया गया। इलाज चल रहा है।
दिनेश की मौत के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि यह पांचवीं बार है जब सबके घरों में 11 हजार वोल्टेज का करंट उतरा है। शिकायत करने के बाद भी बिजली विभाग से कोई देखने नहीं आया। दिनेश की मौत के बाद तहसीलदार मड़िहान फूलचंद यादव ने बिजली विभाग के लोगों को फोन कर मौके पर बुलाया, पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
दीपक सिंह, (अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम) ने कहा कि इस घटना की जानकारी हुई है। बताया गया है कि बिजली गिरने से तारों में करंट दौड़ा था। मौके पर अभियंताओं को भेजा गया है। कार्रवाई की जा रही है।