- पहली मानसून बारिश में पुरानी वीआईपी मार्ग और रेहड़ा पुल के नीचे जलभराव, श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
मिर्जापुर। मानसून की पहली बारिश ने मंगलवार को विंध्याचल क्षेत्र को भिगो दिया, जबकि मिर्जापुर नगर और आसपास के इलाकों में लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल रहे। बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरी। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश से विंध्याचल में लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई स्थानों पर जलभराव ने व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी।
बारिश के बाद विंध्याचल के पुराने वीआईपी मार्ग पर पानी भर गया, इससे दर्शन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, रेहड़ा पुल के नीचे भी जलभराव से लोगों और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। लोगों का कहना है कि विंध्य कॉरिडोर के निर्माण के बाद भी जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, ओझला पुल से पहले बसही और नगर क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। दिनभर बादल छाए रहे। लेकिन बारिश नहीं हुई। उमस से जनजीवन प्रभावित रहा और लोग राहत के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार की तुलना में अधिकतम तापमान में दो डिग्री तथा न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद नमी बढ़ने से उमस अधिक महसूस हुई। शाम तक बादल छाए रहने से लोगों में रात के समय बारिश होने की उम्मीद बनी रही।
मानसून ने दी दस्तक, किसानों को धान रोपाई शुरू करने की सलाह
मानसून के सक्रिय होने और आगामी दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना को देखते हुए ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू-भौतिकी विभाग, बीएचयू वाराणसी ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी किया है। विशेषज्ञों ने किसानों से मौसम के अनुरूप खेती-बाड़ी के कार्य करने की अपील की है। नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह एवं तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में मानसून सक्रिय रहने और बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में किसान खेतों में पर्याप्त नमी होने पर धान की रोपाई का कार्य शुरू कर सकते हैं। उन्होंने सब्जी उत्पादक किसानों को फसलों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी, ताकि जलभराव से नुकसान न हो। तेज हवा और वर्षा के दौरान किसी भी प्रकार का रासायनिक छिड़काव न करने तथा सभी कृषि कार्य शुष्क मौसम में ही करने की हिदायत दी।
विंध्याचल में रेहड़ा पुल के नीचे भरा पानी, राहगीरों की सांसत।-संवाद।