तटबंध टूटने से एक बार फिर गरई नदी उफान पर।- संवाद।
मिर्जापुर। सोमवार की देर रात तेज गरज-चमक के साथ शुरू हुई बारिश मंगलवार की भोर तक होती रही। सुबह धान के खेतों में पानी लगने से किसानों के चेहरे खिल उठे। सड़कों पर पानी भरने से राहगीरों की मुसीबत बढ़ गई। मंगलवार को भी दिनभर बादल छाए रहे। जनपद के कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया।
बारिश के कारण नगर सहित जिला मुख्यालय से जुड़ी सड़कों पर पानी भरने से राहगीर परेशान रहे। मंडलीय अस्पताल के सामने सड़क की पटरियों पर पानी भरा रहा। इससे मरीज और तीमारदारों को परेशानी हुई। कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं के शेड में पानी भरने से अधिवक्ता और वादकारी परेशान रहे। रोडवेज में पानी भरने से बसों में चढ़ने व उतरने में यात्रियों को छोटे-छोटे बच्चों के साथ परेशान होना पड़ा। रमईपट्टी कनौराघाट मार्ग पर अर्जुनपुर तक गड्ढायुक्त सड़क पर जगह-जगह पानी भरने से ग्रामीणों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। शुक्लहा धौरुपुर मार्ग, सखौरा पंप नहर से बीरशाहपुर मार्ग के अलावा भटौली मार्ग पर सरैया पंचायत भवन से पहले मुख्य सड़क के किनारे, शास्त्री सेतु के नीचे लोहिया तालाब में जगह-जगह पानी भरने से राहगीर परेशान रहे। नटवा स्थित रेलवे पुल, विंध्याचल में रेहड़ा चुंगी रेलवे पुल के नीचे भी पानी भरा रहा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया पिछले साल जून 2024 से दो सितंबर तक जिले में औसत वर्षा 694.3 मिलीमीटर होनी चाहिए। इसके सापेक्ष जिले में अबतक 637.1 मिलीमीटर बारिश हुई। जो 91.8 प्रतिशत है। पिछले वर्ष 64.7 प्रतिशत की तुलना में इस बार 30 से 32 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह व तकनीकी अधिकारी मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जिसके फलस्वरूप तेज गरज चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे मौसम में हवा की गति भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
छह फाटक फिर खुले, अहरौरा बांध से डिस्चार्ज हो रहा 2850 क्यूसेक पानी
शेरवां। सोमवार की देर रात और मंगलवार को दोपहर में भारी बारिश के कारण अहरौरा जलाशय के छह फाटक खोलकर बांध से 2850 क्यूसेक पानी नहर, रजवाहा, नदी, बीयर में डिस्चार्ज करने व मौसम के मिजाज को देखते हुए एक फिर से बाढ़ की संभावना बनी हुई है।
-