जिगना। विकास खंड छानबे में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित पांच नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जीवन रक्षक दवाइयों का अभाव बना हुआ है। प्राण रक्षा के लिए गरीबों को दवाएं बाजार से पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विजयपुर सर्रोई में कुत्ते की सूई के अलावा दाद, खाज व खुजली, आंख की दवाओं के साथ ही खांसी की दवाई तक नहीं है। कुछ नाम मात्र की मौजूद दवाओं के सहारे अस्पताल चल रहा है।
कमोवेश यही हाल सभी न्यू अस्पताल का बना हुआ है। अस्पताल में दवा न मौजूद होने से डाक्टर की ओर से बाहर से दवा लिखकर पर्ची हाथ में थमा दी जा रही है। दवाओं को लेकर आए दिन स्वास्थ केंद्रों पर हो हल्ला मच रहा है। बृहस्पतिवार को भी एक दो मरीजों ने दवा बाहर से लिखने पर आपत्ति जताई तो डॉक्टर ने दवा न उपलब्ध होने की बात बताई। इस संबंध में जब अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुबोधकांत सिन्हा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि तीन बार दवा के लिये आनलाइन मांग पत्र भेजा गया है। लेकिन अभी दवा उपलब्ध नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया कि दवा की आपूर्ति लखनऊ से होती है। दवाएं मंडल स्तर पर गोदाम में आने के बाद जिला व अन्य अस्पतालों पर भेजी जाती हैं। बहरहाल अस्पतालों पर दवा न मिलने पर गरीबों में रोष चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने अस्पतालों पर जीवन रक्षक दवाओं को तत्काल उपलब्ध कराने की मांग किया है।