सोमवार को हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. राजकुमार भारतीय और एक मेडिकल स्टोर से जुड़ा वीडियो हुआ वायरल
21 जून को ''हड्डी के रोज नौ ऑपरेशन, अमृत फार्मेसी से नहीं, खास दुकान से मंगाते हैं सर्जिकल इंप्लांट'' शीर्षक से प्रकाशित हुई थी खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से धन उगाही के मामले में कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. संजीव कुमार सिंह ने हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. राजकुमार भारतीय को विभागाध्यक्ष पद से हटा दिया है। जांच समिति गठित कर दी गई है। उनके ओपीडी, ओटी और शैक्षणिक कार्य अग्रिम आदेश तक रोक दिए गए हैं। सोमवार को डॉक्टर और मेडिकल स्टोर से जुड़ा वीडियो भी वायरल होने लगा। वीडियो में सर्जिकल इंप्लांट मेडिकल स्टोर से दिलाने के लिए पैसे की बात की जा रही है। मामले में जांच समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट पेश करनी है। इससे पहले अमर उजाला में ऑपरेशन के लिए खास दुकान से सर्जिकल उपकरण मंगाने संबंधी खबर प्रकाशित हुई थी।
मंडलीय अस्पताल के हड्डी रोग विभाग, जनरल सर्जरी विभाग और कैंसर ऑपरेशन में मरीजों से मेडिकल स्टोर से महंगे सर्जिकल सामान मंगाए जाने का आरोप है। आरोप है कि तय मेडिकल स्टोर से सामान न लाने पर डॉक्टर ऑपरेशन न करने की चेतावनी देते हैं, जिससे मरीज विवश होकर उसी मेडिकल स्टोर से सामान खरीदते हैं।
21 जून को अमर उजाला ने ''हड्डी के रोज नौ ऑपरेशन, अमृत फार्मेसी से नहीं, खास दुकान से मंगाते हैं सर्जिकल इंप्लांट'' शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुई थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की ओर से मामले की जांच की जा रही थी। अमृत फार्मेसी से कितने इंप्लांट जारी किए गए। इसी बीच सोमवार को दो वीडियो वायरल होने लगे।
एक वीडियो में चंदन नाम के मरीज के ऑपरेशन के लिए सर्जिकल इंप्लांट के संबंध में मरीज का परिचित डाॅ. राजकुमार भारतीय से मेडिकल स्टोर से रॉड का मूल्य कम कराने की बात करता दिखाई दे रहा है। दूसरे वीडियो में मेडिकल स्टोर संचालक से रॉड खरीदने को लेकर बातचीत की जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्राचार्य डा. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर चिकित्सा महाविद्यालय के आर्थोपेडिक्स विभाग से संबंधित एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसका जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। वायरल क्लिप में आर्थोपेडिक्स विभाग में आचार्य पद पर कार्यरत डाॅ. राजकुमार भारतीय अवैध रूप से धनराशि मांगते दिख रहे हैं। इससे चिकित्सा महाविद्यालय और चिकित्सालय की छवि धूमिल हो रही है।