अपने पिता के साथ खड़ी स्माइल पिंकी
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बच्चों के कटे होंठ को लेकर उनके जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म स्माइल पिंकी में मिर्जापुर जिले के रामपुर ढबहीं के छोटी खोरिया गांव निवासी पिंकी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। स्माइल पिंकी फिल्म को 2009 में ऑस्कर अवार्ड मिला था। पिंकी 2013 में लंदन में विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के मुकाबले में सिक्का उछाल कर टॉस कराने पहुंची थीं। इस प्रसिद्धि के बावजूद पिंकी का परिवार गुमनामी के अंधेरे में जीवन गुजर-बसर को मजबूर है।
रामपुर ढबहीं के छोटी खोरिया में शुक्रवार सुबह जैसे ही तहसीलदार चुनार की गाड़ी रुकी आसपास के ग्रामीण खतरे की आशंका से परेशान हो गया। घर से बेदखल होने की चिंता 28 परिवारों को सता रही थी। परंतु जैसे ही तहसीलदार ने पिंकी तथा उसके पिता राजेंद्र सोनकर से कहा कि अब आपका घर कोई खाली नहीं कराएगा, डीएम साहब ने कहा है। इतना सुनते ही कुनबे के ग्रामीणों के मुंह से निकला भला हो डीएम साहब का, भगवान तरक्की दे, हर कोई डीएम की सलामती की दुआ करता दिखा।
स्माइल पिंकी के परिजनों को वन विभाग की तरफ से नोटिस जारी किए जाने के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी कार्यालय में दो मांगों का पत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने आरोप लगाया कि वन विभाग नोटिस जारी कर स्माइल पिंकी का अपमान कर रहा है। स्माइल पिंकी के गांव ढबही में 24 से अधिक लोगों को घर खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। अहरौरा के सोनपुर गांव की एथलेटिक्स केएम चंदा के पिता सत्यनारायण प्रजापति आवास के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं।