उच्च न्यायालय के आदेश पर रविवार को जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने अघवार चौराहे के समीप तालाब की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए डेढ़ दर्जन घरों को जेसीबी से ढहवा दिया। कार्रवाई से इलाके में अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई की जद में आए 15 परिवार के लोगों ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण ली है।
अघवार चौराहे के समीप पर ढाई बीघे का तालाब है। उसको पाट कर 15 परिवारों ने पक्के मकान का निर्माण करा लिया था। तालाब से कब्जा हटवाने के लिए गांव के लोगों ने तहसीलदार के यहां 122 बी का मुकदमा दायर किया था। इस पर सुनवाई कर तत्कालीन तहसीलदार न्यायिक ने वर्ष 2011-12 में बेदखली का आदेश दिया था।
इसके बाद भी प्रशासन तालाब से कब्जा नहीं हटवा पाया था। इस पर गांव के मिथिलेश पांडेय और अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। उच्च न्यायालय ने 16 मई 2016 को तालाब से कब्जा हटवा कर पांच जुलाई तक न्यायालय को अवगत कराने का आदेश जिला प्रशासन को दिया।
इसके बाद तहसील प्रशासन ने एक माह पूर्व सभी कब्जेदारों को नोटिस देकर जमीन खाली करने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी किसी ने कब्जा नहीं हटाया।
जिला प्रशासन को पांच जुलाई तक कब्जा हटवा कर हाईकोर्ट को अवगत करना था, इसलिए जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने एडीएम विजय बहादुर, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक शुक्ला के नेतृत्व में टीम बना कर कब्जा हटाने का निर्देश दिया।
टीम रविवार की सुबह एसडीएम सदर रत्नप्रिया, सीओ सदर संजय चौधरी, तहसीलदार आरपी सिंह, पड़री थानाध्यक्ष एनएन सिंह, महिला थानाध्यक्ष रीता यादव, देहात कोतवाली व चुनार पुलिस के साथ दो प्लाटून पीएसी के साथ अघवार चौराहे पर पहुंची। प्रशासन ने जेसीबी मंगवा कर घर में रखे सामानों को बाहर निकलवाते हुए घरों को ध्वस्त करा दिया।