जिले के पांच जिम में लड़कियों को ब्लैकमेल कर धर्मांतरण करने का है आरोप
10 आरोपियों को गिरफ्तार जेल भेज चुकी है पुलिस
मिर्जापुर। जिम में महिलाओं से दोस्ती के बाद उनकी अश्लील वीडियो बनाकर वसूली करने और धर्मांतरण करने के मामले में पुलिस ने छह हजार पेज की चार्जशीट (आरोप पत्र) कोर्ट में प्रस्तुत की है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जिला जज के यहां से पहले ही जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। मजिस्ट्रेट न्यायालय में आरोप पत्र पेश होने के बाद अब गवाहों के बयान आदि दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
देहात कोतवाली में 19 जनवरी को दो युवतियों ने जिम में धर्मांतरण कराने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें केजीएन (ख्वाजा गरीब नवाज) की तीन शाखा, बी फिट और आयरन फायर जिम में आने वाली लड़कियों से दोस्ती कर जिम संचालक व ट्रेनर उनका अश्लील वीडियो बनाकर पैसा वसूलते थे। उन्हें बुरका पहनाकर, मजार पर ले जाकर कलमा पढ़कर धर्मांतरण का दबाव बनाते थे। मामले में पुलिस ने पहले आठ लोगाें पर प्राथमिकी दर्ज की। मामले में पहले चार आरोपी पकड़े गए। आरोपियों में मोहम्मद शेख अली आलम निवासी नटवां मिल्लत नगर कोतवाली कटरा, फैजल खान निवासी गोसाईं तालाब मस्जिद के पास कोतवाली शहर, जहीर और शादाब को गिरफ्तार किया। इसके बाद आयरन फायर जिम के संचालक जीआरपी सिपाही इरशाद और फरीद अहमद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुख्य आरोपी इमरान खान को पकड़ने के लिए लुक आउट नोटिस जारी की थी। दिल्ली एयरपोर्ट से 25 हजार इनामी इमरान खान को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने वाले मौलवी खलीलुर्रहमान को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी इमरान के भाई और नौवें आरोपी अशफाक उर्फ लकी अली फरार चल रहा था। पुलिस ने 14 मार्च को अशफाक उर्फ लकी खान और उसके मौसेरे भाई साहिल को गिरफ्तार किया। सभी की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के के बाद जनपद न्यायाधीश के यहां से जमानत अर्जी खारिज की जा चुकी है। देहात कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 18 अप्रैल को इस बड़े मामले में छह हजार पन्ने का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अब मजिस्ट्रेट कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी।
वर्जन
जिम में धर्मांतरण मामले में विवेचना पूरी करने के बाद देहात कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित की है।
नितेश सिंह, एएसपी सिटी