जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने रविवार को मंडलीय अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट का निरीक्षण किया। प्लांट रविवार से शुरू हो गया। जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल में भ्रमण कर निरीक्षण किया। इमरजेंसी वार्ड, महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, आक्सीजन प्लांट सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बेहतर साफ सफाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती ग्राम नयेपुर निवासी चंद्रकला एवं चुनार से पीएचसी से रेफर होकर मंडलीय अस्पताल के पुरुष वार्ड में भर्ती मनोज गुप्ता से वार्ता किया। उनसे अस्पताल से मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारेब में जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल के अंदर से ही दवा उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने सीएमएस को निर्देशित किया गया कि किसी भी चिकित्सक के द्वारा मरीजों एवं उनके तीमारदारों को बाहर से दवा लाने के लिए प्रेरित ना किया जाए। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह सीएमएस डॉक्टर कमल नाथ के अलावा अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि तीन सौ लीटर प्रति मिनट की उत्पादन क्षमता वाले इस प्लांट का निर्माण प्रधानमंत्री केयर फंड के द्वारा किया गया है। जिसकी कुल लागत 55 लाख रुपये है। इसकी ऑक्सीजन को गुणवत्ता की जांच के लिए गुड़गांव के टेस्टिंग लैब में भेजा गया था। वहां से प्राप्त रिपोर्ट में मानक के अनुसार सही पाया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि यह आक्सीजन प्लांट के चालू होने से जिले में बाहर से आकसीजन की मंगाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस गैस को सेंटर पाइपलाइन से कनेक्ट किया जाएगा जो कि 100 बेड के लिए पर्याप्त होगा। जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे। उन्होंने सीएमएस को निर्देशित किया कि ऑक्सीजन प्लांट में प्रशिक्षित व्यक्ति को रखा जाए।