मिर्जापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति प्रदेश स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों से रूबरू हुए। वीडियो कांफ्रेसिंग में जिले के उद्यमियों को बोलने का मौका भले ही न मिला पर मेरठ से इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने मिर्जापुर जिले के उद्यमियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
मिर्जापुर जिले से आईआईए के अध्यक्ष मोहन दास अग्रवाल के ज्ञापन का हवाला देते हुए मिर्जापुर नगर से 15 किलोमीटर परिधि में एक यूपीएसआईडीसी का औद्योगिक एरिया बनाए जाने, मिर्जापुर विकास प्राधिकरण की ओर से अभी तक वर्ष 2011 की महायोजना लागू की गई है जबकि इसे 2031 की महायोजना लागू होनी चाहिए। साथ ही उन्होने ने मिर्जापुर जनपद में जर्जर सड़को की दयनीय स्थिति के अलावा सोनभद्र के अंदर हाथी नाला के आगे औड़ी मोड़ तक लगभग 52 किलोमीटर सड़क खराब होने से औद्योगिक कार्यो के संपादन में बाधा बताया।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रदेश में उद्योग स्थापना पर जोर देते हुए हर संभव सहयोग और प्रदेश के विकास पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही प्रदेश का विकास भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रदेश में उद्यमियों को उद्योग स्थापना की दिशा में हर संभव मदद और
वरीयता दी जायेगी, ताकि उद्यमियों को उद्योग स्थापना में कोई परेशानी न होने पाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश ने उद्योग स्थापना की दिशा में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है जो गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापना की दिशा में प्रदेश को प्रथम नंबर लाना उनका उद्ेश्य हैं, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ने और प्रदेश के चहुंमुखी विकास को बल मिले। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के उद्यमियों की परेशानी और कोरोना काल में उत्पन्न समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कहा कि मै उनकी हर छोटी बड़ी समस्याओं से अवगत हूं तथा प्रदेश सरकार उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कृतसंकल्पित भी है, ताकि उद्योग-कारखानों के विकसति होने से लोगों को रोजगार मिले और प्रदेश खुशहाली के राह पर अग्रसर हो सके। उन्होंने कहा कि उद्योगो को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए सरकार ने सकारातमक कदम उठाए हैं। उद्यमियों की समस्याओं का समाधान समय सीमा के अंदर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के लिए समस्त जिलाअधिकारियों व मंडलायुक्त को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश की 24 करोड़ लोगों के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा उद्योग स्थापना, उद्यमियों को प्रोत्साहन और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम हो रहा है। सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि उद्यमियों की समस्याओं को हर माह बैठक कर समाधान किया जाए। इसके लिए उद्योग बंधु की बैठक जनपद और मंडलस्तर पर की जाए ताकि इनकी समस्याओं का उचित समाधान हो सके। कहा कि उद्यमियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। बताया कि तकरीबन दस देशों से उद्योग स्थापना के पचास प्रस्ताव पास हुए हैं। जो एक बहुत बड़ी उपलब्धी है। अमेरिका, जापान, जर्मनी आदि ने उत्तर प्रदेश में निवेश का प्रस्ताव दिया है। वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल, सहायक आयुकत लोकेंद्र कुमार, एआईआईए के अध्यक्ष मोहनदास अग्रवाल, एआईआईए के वाइस प्रेसिडेंट मनोज खंडेलवाल, अधिशासी अभियंता विद्युुत मनोज यादव समेत अन्य उपस्थित रहे।